लखनऊ,12 जून(चौथा प्रहरी)। उत्तर प्रदेश में ग्रीन मोबिलिटी को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण क्षेत्र से जेवर एयरपोर्ट तक चलने वाली 45 इलेक्ट्रिक और 3 हाइड्रोजन बसों को हरी झंडी दिखाई। इसके साथ ही नोएडा इलेक्ट्रिक बस डिपो का भी शुभारंभ किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले समय में प्रदेश के हर शहर और गांव को पर्यावरण अनुकूल इलेक्ट्रिक परिवहन सेवा से जोड़ा जाएगा।
लखनऊ से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ग्रीन मोबिलिटी और सतत विकास के विजन को आगे बढ़ाते हुए प्रदेश सरकार तेजी से काम कर रही है। उन्होंने कहा कि लोगों को बेहतर, आरामदायक और प्रदूषण मुक्त परिवहन सुविधा उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि 15 जून से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का संचालन शुरू होने जा रहा है। इसे देश का सबसे बड़ा हवाई अड्डा बताया जा रहा है। एयरपोर्ट तक यात्रियों की आसान पहुंच सुनिश्चित करने के लिए नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण ने परिवहन निगम के सहयोग से इलेक्ट्रिक बस सेवा शुरू की है। उन्होंने कहा कि यह कदम नेट जीरो लक्ष्य हासिल करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण साबित होगा।
सीएम योगी ने कहा कि नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण क्षेत्र आज आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स, डेटा सेंटर, स्टार्टअप और सेमीकंडक्टर उद्योगों के बड़े केंद्र बन चुके हैं। ऐसे में पर्यावरण के अनुकूल सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था समय की जरूरत है। उन्होंने कहा कि मेट्रो सेवा के साथ-साथ लास्ट माइल कनेक्टिविटी के लिए इलेक्ट्रिक बसें महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि 15 जून तक तीनों प्राधिकरणों के क्षेत्र में कुल 110 इलेक्ट्रिक बसों का संचालन शुरू हो जाएगा। भविष्य में मांग बढ़ने पर इनकी संख्या बढ़ाकर 500 तक की जाएगी।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने वर्ष 2017 के पहले और बाद के उत्तर प्रदेश की तुलना भी की। उन्होंने कहा कि पहले प्रदेश खराब सड़कों, बिजली संकट और निवेश की कमी के लिए जाना जाता था, जबकि आज उत्तर प्रदेश बेहतर सड़क नेटवर्क, एक्सप्रेसवे और हवाई कनेक्टिविटी के कारण नई पहचान बना रहा है। उन्होंने गंगा एक्सप्रेसवे, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे और जल्द शुरू होने वाले लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का भी उल्लेख किया।
एयर कनेक्टिविटी पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अब उत्तर प्रदेश में लखनऊ, अयोध्या, वाराणसी, कुशीनगर और नोएडा सहित पांच अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे हैं। उन्होंने कहा कि जेवर एयरपोर्ट भविष्य में यात्रियों के साथ-साथ कार्गो और एमआरओ हब के रूप में भी विकसित होगा।
सीएम योगी ने बताया कि प्रदेश के 17 नगर निगमों में पहले से 700 से अधिक इलेक्ट्रिक बसें संचालित हो रही हैं। साथ ही अब इलेक्ट्रिक बसों के निर्माण के लिए राज्य में विनिर्माण सुविधाएं भी विकसित हो चुकी हैं। उन्होंने कहा कि टाटा मोटर्स और अशोक लीलैंड ने लखनऊ में इलेक्ट्रिक बस निर्माण इकाइयां स्थापित की हैं।
कार्यक्रम में यमुना प्राधिकरण क्षेत्र के लिए तीन हाइड्रोजन बसों के संचालन की भी घोषणा की गई। मुख्यमंत्री ने बताया कि ये बसें NTPC द्वारा उपलब्ध कराई गई हैं। इनमें सीवर के पानी से तैयार ग्रीन हाइड्रोजन का उपयोग किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इससे वायु प्रदूषण कम होगा और बच्चों, बुजुर्गों तथा बीमार लोगों को स्वच्छ वातावरण मिल सकेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार नेट जीरो लक्ष्य के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इसी दिशा में विश्व बैंक की सहायता से 2741 करोड़ रुपये की लागत से उत्तर प्रदेश क्लीन एयर मैनेजमेंट प्रोजेक्ट भी चलाया जा रहा है। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में परिवहन सेवाओं के विस्तार के दौरान स्थानीय युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता देने की बात भी कही।
आने वाले वर्षों में इलेक्ट्रिक और हाइड्रोजन आधारित सार्वजनिक परिवहन का विस्तार उत्तर प्रदेश की परिवहन व्यवस्था में बड़ा बदलाव ला सकता है। इससे प्रदूषण कम होगा, यात्रियों को बेहतर सुविधा मिलेगी और ग्रीन मोबिलिटी के क्षेत्र में प्रदेश की भूमिका और मजबूत होगी। इस अवसर पर योगी सरकार के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना, औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल नंदी परिवहन राज्य मंत्री स्वतंत्र भारत दयाशंकर सिंह जसवंत सिंह सैनी के अलावा जनप्रतिनिधि तथा अधिकारीगण मौजूद रहे।
Author: VINAY PRAKASH SINGH
Registration NO. UDYAM -UP-24-0043854





