लखनऊ,22 जून (चौथा प्रहरी)। राजधानी लखनऊ में हुए अलीगंज अग्निकांड के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तुरंत मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया। सोमवार को अलीगढ़ का अपना कार्यक्रम बीच में छोड़कर वह सीधे राजधानी लौटे और अलीगंज स्थित अग्निकांड स्थल पहुंचे। मुख्यमंत्री ने आग से प्रभावित बिल्डिंग का निरीक्षण किया और आसपास की इमारतों से भी स्थिति को समझा। उन्होंने अधिकारियों से पूरे मामले की जानकारी ली और हादसे के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने इस हादसे में जान गंवाने वाले बच्चों की मौत पर गहरा दुख जताया। उन्होंने मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है और दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।
घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद मुख्यमंत्री सीधे किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) पहुंचे। यहां उन्होंने भर्ती घायल बच्चों से मुलाकात की और उनकी हालत के बारे में जानकारी ली। उन्होंने घायलों के परिजनों से भी बात की और उन्हें हर संभव सहायता का भरोसा दिलाया। मुख्यमंत्री ने अस्पताल प्रशासन को निर्देश दिया कि सभी घायलों का सर्वोत्तम इलाज सुनिश्चित किया जाए।
केजीएमयू की कुलपति प्रो. सोनिया नित्यानंद ने मुख्यमंत्री को घायलों के इलाज और उनकी स्थिति की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने इलाज में किसी भी तरह की लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए।
अस्पताल में मुख्यमंत्री की मुलाकात मृतकों के परिजनों से भी हुई। उन्होंने शोक संतप्त परिवारों को सांत्वना दी और कहा कि सरकार उनके दुख में बराबर की भागीदार है। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि हादसे की जांच पूरी गंभीरता से होगी और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, भाजपा प्रदेश महामंत्री (संगठन) धर्मपाल, विधायक नीरज बोरा, अपर मुख्य सचिव (गृह) संजय प्रसाद, पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्णा, अपर मुख्य सचिव (चिकित्सा) अमित कुमार घोष, डीजी फायर सर्विस सुजीत पांडेय, लखनऊ मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत और जिलाधिकारी विशाख जी समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
इस हादसे के बाद फायर सेफ्टी व्यवस्था और भवनों में सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर भी सवाल उठे हैं। माना जा रहा है कि प्रशासन अब ऐसे मामलों की समीक्षा कर सुरक्षा नियमों के पालन को और सख्ती से लागू कर सकता है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
Author: VINAY PRAKASH SINGH
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