लखनऊ,07 जुलाई( चौथा प्रहरी)। प्रदेश की योगी सरकार ने राज्य में पात्र लोगों तक राशन योजना का दायरा बढ़ाने की तैयारी शुरू कर दी है। मंगलवार को लखनऊ में हुई रसद स्थायी समिति की बैठक में खाद्य एवं रसद मंत्री मनोज पाण्डेय ने निर्देश दिए कि बची हुई पात्र यूनिटों के लिए विशेष अभियान चलाकर नए राशन कार्ड जारी किए जाएं। बैठक में राशन वितरण की व्यवस्था को और आसान बनाने पर भी चर्चा हुई। नेटवर्क में सुधार के लिए भारत संचार निगम लिमिटेड से कोऑर्डिनेशन बनाकर ई पास नेटवर्क के लिए मदद लेने का संज्ञान लिया गया।

प्रदेश में अभी राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए) के तहत करीब 14.64 करोड़ लाभार्थियों को मुफ्त राशन मिल रहा है। सरकार का कहना है कि निर्धारित सीमा के भीतर पात्र लोगों को योजना से जोड़ने का काम तेज किया जाएगा। इसके लिए राशन कार्डों के सत्यापन पर भी जोर रहेगा, ताकि अपात्र लोगों को हटाकर वास्तविक जरूरतमंदों को लाभ मिल सके।
बैठक में कई जिलों में ई-पॉस मशीनों के नेटवर्क की समस्या का मुद्दा भी उठा। शिकायत मिली कि नेटवर्क कमजोर होने से राशन वितरण में देरी होती है और लोगों को लंबा इंतजार करना पड़ता है। इस पर मंत्री ने जिलाधिकारियों और बीएसएनएल अधिकारियों के साथ समन्वय कर समस्या दूर करने के निर्देश दिए।
योगी सरकार ने अन्नपूर्णा भवनों के निर्माण को लेकर भी नई व्यवस्था पर जोर दिया। निर्देश दिए गए कि ऐसे भवन मुख्य सड़क के पास और आबादी वाले क्षेत्रों के नजदीक बनाए जाएं, ताकि लोगों को राशन लेने में परेशानी न हो। बैठक में यह सुझाव भी आया कि इन भवनों में दैनिक उपयोग की वस्तुओं के साथ स्थानीय स्वयं सहायता समूहों और ओडीओपी उत्पादों की बिक्री की भी व्यवस्था की जाए।
जहां आबादी अधिक है, वहां जरूरत के अनुसार नई उचित दर की दुकानें खोलने पर भी सहमति बनी। विभाग के मुताबिक फिलहाल 549 उचित दर की दुकानें निलंबित हैं, जबकि 1,768 दुकानों का लाइसेंस निरस्त है। मंत्री ने निर्देश दिए कि निरस्त दुकानों के स्थान पर जल्द नई नियुक्तियां की जाएं और निलंबित दुकानों के मामलों का समय पर निस्तारण हो।
क्या होगा आगे असर-यदि बैठक के निर्देश तय समय पर लागू होते हैं तो पात्र परिवारों के नए राशन कार्ड तेजी से बन सकेंगे। नेटवर्क की समस्या कम होने से राशन वितरण में इंतजार घटेगा। नई दुकानों और बेहतर स्थानों पर बने अन्नपूर्णा भवनों से ग्रामीण और दूर-दराज के लाभार्थियों को भी सुविधा मिलने की उम्मीद है।
Author: VINAY PRAKASH SINGH
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