लखनऊ, 5 जुलाई(चौथा प्रहरी)। इलेक्ट्रिक वाहनों की बढती मांगों को लेकर योगी सरकार भी एक्शन में आ गई है। बजट न होने के कारण सब्सिडी के लिए इलेक्ट्रिक वाहन स्वामी परेशान चल रहे थे उत्तर प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहनों का इस्तेमाल लगातार बढ़ रहा है। राज्य सरकार की ईवी खरीद सब्सिडी योजना का असर अब आंकड़ों में भी दिखाई देने लगा है। परिवहन विभाग के मुताबिक प्रदेश में अब तक 96 हजार से अधिक इलेक्ट्रिक वाहनों का पंजीकरण हो चुका है। इनमें 43 हजार से ज्यादा खरीदारों को 210 करोड़ रुपये से अधिक की सब्सिडी दी जा चुकी है। सरकार का कहना है कि योजना का उद्देश्य साफ और कम खर्च वाला परिवहन बढ़ाना है, ताकि ईंधन पर निर्भरता भी घटे और प्रदूषण भी कम हो।
परिवहन राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार दयाशंकर सिंह ने रविवार को कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों और पश्चिम एशिया (खाड़ी क्षेत्र) में बने हालात को देखते हुए इलेक्ट्रिक वाहनों की तरफ बढ़ना समय की जरूरत है। उनका कहना है कि इससे पेट्रोल और डीजल पर निर्भरता कम होगी और लोगों को लंबे समय में खर्च में भी राहत मिलेगी।

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक सबसे ज्यादा मांग इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की रही है। अब तक 61 हजार से अधिक इलेक्ट्रिक स्कूटर और मोटरसाइकिल इस योजना के दायरे में आए हैं। विशेषज्ञ मानते हैं कि कम कीमत, कम रखरखाव और रोजमर्रा के इस्तेमाल के कारण लोग सबसे पहले इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन चुन रहे हैं।
योजना केवल निजी दोपहिया वाहनों तक सीमित नहीं है। सरकार ने इलेक्ट्रिक कार, ई-बस और ई-गुड्स कैरियर को भी प्रोत्साहन देने का लक्ष्य रखा है। इससे सार्वजनिक परिवहन और माल ढुलाई में भी धीरे-धीरे इलेक्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी बढ़ाने की कोशिश की जा रही है।
परिवहन विभाग ने आवेदन प्रक्रिया को ऑनलाइन रखा है। इससे सब्सिडी वितरण में पारदर्शिता बढ़ी है और आवेदक अपने आवेदन की स्थिति भी देख सकते हैं। इससे योजना का लाभ पाने की प्रक्रिया पहले की तुलना में आसान हुई है।
ईवी बाजार से जुड़े परिवहन विभाग के जानकारों का मानना है कि उत्तर प्रदेश देश के उन राज्यों में शामिल हो रहा है जहां इलेक्ट्रिक वाहनों की स्वीकार्यता तेजी से बढ़ रही है। चार्जिंग स्टेशन का विस्तार, नए मॉडल की उपलब्धता और सरकारी प्रोत्साहन इस बदलाव को गति दे रहे हैं। हालांकि ग्रामीण क्षेत्रों में चार्जिंग नेटवर्क को और मजबूत करने की जरूरत अभी भी बनी हुई है।
आने वाले समय में यदि चार्जिंग ढांचे का विस्तार तेज गति से होता है और सब्सिडी जैसी योजनाएं जारी रहती हैं, तो प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या और तेजी से बढ़ सकती है। इससे प्रदूषण कम करने, ईंधन आयात पर खर्च घटाने और स्वच्छ परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
प्रमुख बिंदु-210 करोड़ रुपये से अधिक की ईवी सब्सिडी वितरित।43,218 से अधिक खरीदारों को योजना का लाभ।
प्रदेश में 96,778 से अधिक इलेक्ट्रिक वाहनों का पंजीकरण।
सबसे अधिक मांग इलेक्ट्रिक स्कूटर और मोटरसाइकिल की।
ऑनलाइन आवेदन और पारदर्शी प्रक्रिया से लाभार्थियों को सुविधा।
सरकार सार्वजनिक परिवहन और माल ढुलाई में भी ईवी बढ़ाने पर जोर दे रही है।
Author: VINAY PRAKASH SINGH
Registration NO. UDYAM -UP-24-0043854





