लखनऊ, 07जुलाई( चौथा प्रहरी)।डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय का 24वां दीक्षांत समारोह मंगलवार को विश्वविद्यालय परिसर में स्थित अटल बिहारी वाजपेई सभागार में आयोजित हुआ। समारोह में 62,537 छात्रों को डिग्री और 53 शोधार्थियों को पीएचडी की उपाधि दी गई। 83 मेधावी छात्रों को कुल 84 पदकों से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता राज्यपाल एवं विश्वविद्यालय की कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने की। कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने मेंधावियों व आंगनबाड़ी की छात्र-छात्राओं को पुरस्कार वितरित किए। सीतापुर की मुख्य विकास अधिकारी व पुलिस अधीक्षक को सराहनीय कार्य के लिए प्रशस्ति पत्र दिए। इस मौके पर इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन के चेयरमैन अरविंदर सिंह साहनी मुख्य अतिथि और प्राविधिक शिक्षा मंत्री आशीष पटेल विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे। सभी की गरिमामयी उपस्थिति में विश्वविद्यालय का दीक्षांत समारोह सकुशल संपन्न हो गया।

मेधावियों को मिला सम्मान, छात्राओं का रहा दबदबा
इस बार दिए गए 84 पदकों में 35 स्वर्ण, 23 रजत और 24 कांस्य पदक शामिल रहे। पदक पाने वालों में 52 छात्राएं और 31 छात्र रहे। विश्वविद्यालय का सर्वोच्च चांसलर मेडल अजय कुमार गर्ग इंजीनियरिंग कॉलेज, गाजियाबाद की बीटेक छात्रा अंशिका राणा को मिला। वहीं कमल रानी वरुण स्मृति स्वर्ण पदक KIET ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस की छात्रा इशिका को दिया गया।
रोगन कला के कलाकार कंसारा आशीष शांतिलाल को डी.लिट. की मानद उपाधि से भी सम्मानित किया गया।
ब्लॉकचेन तकनीक से जारी हुईं डिग्रियां
विश्वविद्यालय ने इस वर्ष भी सभी डिग्रियों को ब्लॉकचेन तकनीक के जरिए डिजिलॉकर पर उपलब्ध कराया। इससे छात्र अपनी डिग्री ऑनलाइन सुरक्षित तरीके से कभी भी डाउनलोड और सत्यापित कर सकेंगे। यह व्यवस्था फर्जी प्रमाणपत्रों पर रोक लगाने और दस्तावेजों के आसान सत्यापन की दिशा में अहम मानी जा रही है।
पांच स्टार्टअप को मिला सम्मान
समारोह में नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए पांच अलग-अलग श्रेणियों में स्टूडेंट स्टार्टअप अवार्ड दिए गए। इनमें महिला नेतृत्व वाले स्टार्टअप, डीप टेक, टेक इनोवेशन, एग्रीटेक और ग्रीन स्टार्टअप को सम्मानित किया गया। चयनित स्टार्टअप स्वास्थ्य, कृषि, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और नई तकनीक से जुड़े समाधान विकसित कर रहे हैं।
राज्यपाल ने क्या कहा-राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि दीक्षांत समारोह केवल डिग्री लेने का अवसर नहीं, बल्कि नई जिम्मेदारियों की शुरुआत भी है। उन्होंने छात्रों से अपनी क्षमता पर भरोसा रखने, देश के विकास में योगदान देने और तकनीक को समाज के हित में इस्तेमाल करने की अपील की। उन्होंने तकनीकी शिक्षा में छात्राओं की बढ़ती भागीदारी को सकारात्मक बदलाव बताया। वही विश्वविद्यालय के अधिकारियों व कर्मचारियों को भी निर्माण में चुस्त दुरुस्त व्यवस्था रखने की नसीहत दी।
मुख्य अतिथि का दीक्षांत भाषण-इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन के चेयरमैन अरविंदर सिंह साहनी ने कहा कि आज उद्योगों को केवल डिग्रीधारी नहीं, बल्कि समस्याओं का समाधान करने वाले युवा चाहिए। उन्होंने छात्रों से नौकरी तलाशने के बजाय रोजगार देने वाला बनने की सोच विकसित करने की बात कही। उनका कहना था कि तकनीक का उपयोग लोगों की वास्तविक समस्याओं के समाधान के लिए होना चाहिए।
तकनीकी शिक्षा मंत्री ने युवाओं को दिया संदेश-प्राविधिक शिक्षा मंत्री आशीष पटेल ने पदक विजेताओं को बधाई देते हुए कहा कि युवाओं को नवाचार, शोध और उद्यमिता के क्षेत्र में आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि तकनीकी शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री हासिल करना नहीं, बल्कि देश के विकास में सक्रिय भागीदारी निभाना है।
अन्य आकर्षण-दीक्षांत समारोह के दौरान विश्वविद्यालय के शिक्षकों की पुस्तकों का विमोचन किया गया। गोद लिए गए गांवों के स्कूली बच्चों को विभिन्न प्रतियोगिताओं में सम्मानित किया गया। सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी हुईं। पांच आंगनबाड़ी केंद्रों को किट दी गईं, जबकि बालिका गृह में आरओ प्लांट और एसी यूनिट तथा दो गांवों में स्मार्ट क्लासरूम का उद्घाटन भी किया गया। कार्यक्रम के बाद “मां-बेटी सम्मेलन” आयोजित हुआ, जिसमें महिलाओं के स्वास्थ्य और एचपीवी टीकाकरण पर भी जागरूकता दी गई।
आगे क्या होगा-AKTU लगातार डिजिटल डिग्री, स्टार्टअप संस्कृति और उद्योगों से जुड़ी तकनीकी शिक्षा पर जोर दे रहा है। ब्लॉकचेन आधारित प्रमाणपत्र, स्टार्टअप पुरस्कार और नवाचार पर बढ़ता फोकस आने वाले वर्षों में विश्वविद्यालय को रोजगार, शोध और उद्यमिता से जोड़ने में अहम भूमिका निभा सकता है।
Author: VINAY PRAKASH SINGH
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