अयोध्या,04अक्टूबर। रामनगरी अयोध्या में रविवार को ऑल इंडिया कोऑपरेटिव बैंक एम्पलाइज ऑर्गनाइजेशन के अखिल भारतीय अधिवेशन में देशभर से आए 400 से अधिक प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। अधिवेशन में सहकारी बैंक कर्मचारियों की सेवा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई। इसके बाद कर्मचारियों और सहकारी बैंक व्यवस्था से जुड़े नौ प्रमुख प्रस्ताव पारित किए गए।

केरल, गुजरात, राजस्थान, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, त्रिपुरा, पश्चिम बंगाल, कर्नाटक, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश और हरियाणा सहित कई राज्यों के प्रतिनिधि अधिवेशन में पहुंचे। बैठक में वेतन, सेवानिवृत्ति आयु, सेवा संबंधी दिक्कतों और सहकारी बैंकों की मौजूदा व्यवस्था पर चर्चा की गई।
आयकर और वेतन पुनरीक्षण को लेकर मांग
अधिवेशन में सहकारी बैंकों को आयकर से बाहर रखने की मांग उठाई गई। प्रतिनिधियों का कहना था कि वेतन पुनरीक्षण में आने वाली अड़चनों को दूर किया जाना चाहिए। इसके लिए नाबार्ड और अमरपालनाथन समिति से जुड़े मानकों में बदलाव की मांग रखी गई।
कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति आयु पूरे देश में 60 वर्ष करने का प्रस्ताव भी पारित हुआ। संगठन का कहना है कि अलग-अलग राज्यों में लागू व्यवस्था के कारण कर्मचारियों के सामने असमान स्थिति बनती है। इसलिए इस संबंध में एक समान व्यवस्था की जरूरत है।
संचालक मंडल में कर्मचारियों की भागीदारी
अधिवेशन में सहकारी बैंकों के संचालक मंडल में यूनियन के दो प्रतिनिधियों को शामिल करने का प्रस्ताव रखा गया। इसके पीछे कर्मचारियों की समस्याओं को बैंक के निर्णय लेने वाले स्तर तक पहुंचाने की बात कही गई।
बैंकों में ‘फिट एंड प्रॉपर’ मानक लागू करने और सहकारी बैंकों को सूचना का अधिकार अधिनियम के दायरे में लाने की मांग भी प्रस्तावों में शामिल रही। जिला सहकारी बैंकों को अनुसूचित बैंक का दर्जा देने की मांग भी उठाई गई।
पैक्स कर्मचारियों और कंप्यूटरीकरण पर जोर
अधिवेशन में प्राथमिक कृषि ऋण समितियों यानी पैक्स से जुड़े कर्मचारियों की वेतन समस्या के समाधान की मांग की गई। बैंकों और पैक्स के कंप्यूटरीकरण पर आने वाले खर्च को सरकार द्वारा वहन करने का प्रस्ताव भी पारित किया गया।
संगठन ने इन मुद्दों को आगे संबंधित स्तर पर उठाने और कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के लिए लगातार प्रयास करने की बात कही।
नई राष्ट्रीय कमेटी का गठन
अधिवेशन के दौरान संगठन की नई राष्ट्रीय कमेटी भी गठित की गई। निर्वाचन अधिकारी अनिल उपाध्याय ने पदाधिकारियों के नाम घोषित किए।
प्रकाश खाडीलकर को राष्ट्रीय अध्यक्ष, सुधीर सिंह को राष्ट्रीय महामंत्री, शरद जाघव को राष्ट्रीय संगठन मंत्री, जितेंद्र प्रताप सिंह को राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष और नागेंद्र सिंह को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई।
उत्तर प्रदेश से धर्मेंद्र तिवारी और ईश्वर चौहान को राष्ट्रीय मंत्री बनाया गया। दुष्यंत त्यागी, ओमचंद शुक्ला और नरेंद्र कुमार को राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य की जिम्मेदारी मिली।
आगे कर्मचारियों के मुद्दों पर रहेगा जोर
अधिवेशन में पारित प्रस्ताव अब संगठन के लिए आगे की कार्ययोजना का आधार बनेंगे। खास तौर पर वेतन पुनरीक्षण, सेवानिवृत्ति आयु, पैक्स कर्मचारियों की स्थिति और सहकारी बैंकों की प्रशासनिक व्यवस्था से जुड़े मुद्दे प्रमुख रहेंगे।
कार्यक्रम की अध्यक्षता अनिल धुमने ने की। संचालन सुधीर सिंह ने किया। अजय बर्मन ने अतिथियों का स्वागत किया और प्रकाश खाडीलकर ने अधिवेशन की प्रस्तावना रखी। राजेश्वर सिंह ने नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी के गठन और संगठनात्मक भूमिका पर विचार रखे। समापन पर कर्मचारियों के हितों से जुड़े मुद्दों को आगे मजबूती से उठाने का आह्वान किया गया।
Author: VINAY PRAKASH SINGH
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