ओवरलोडिंग के प्रकरणों में पूर्ववर्ती परिवहन अधिकारियों के विरुद्ध उठी जांच कराने की मांग
लखनऊ, चौथा प्रहरी 24 नवंबर।राजधानी लखनऊ में ओवरलोडिंग के मामलों में परिवहन अधिकारियों के खिलाफ एसटीएफ की कार्रवाई के बीच, उत्तर प्रदेश ऑटो लोडर संयुक्त कल्याण समिति ने भी गंभीर आरोप लगाए हैं। समिति ने मांग की है कि ओवरलोडिंग के नाम पर वसूली और ट्रांसपोर्टरों का शोषण एक पुरानी समस्या है, इसलिए लखनऊ और संभाग में तैनात रहे पुराने अधिकारियों के कार्यकाल की भी जांच होनी चाहिए। बतादे कि शुक्रवार को समिति के सदस्यों ने सूबे के परिवहन राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार दयाशंकर सिंह के आवास पर प्रदर्शन करने का प्रयास किया था और ज्ञापन देना चाहा, लेकिन उन्हें वहां जाने नहीं दिया गया।समिति के जिला महामंत्री मनीष पाल ने बताया कि बड़ी गाड़ियों से ओवरलोडिंग के नाम पर वसूली की जाती रही है, और छोटी गाड़ियों पर भी अनावश्यक दबाव बनाया जाता है।कई छोटी गाड़ियों पर 90-90 हजार रुपये तक के चालान हैं। समिति पिछले तीन-चार सालों से यह मुद्दा उठा रही है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। जिलाध्यक्ष हरवंश सिंह अनुज ने इस वसूली के खेल को काफी पुराना बताया और मांग की कि एसटीएफ की कार्रवाई को और बढ़ाया जाए। समिति ने अपील की है कि एसटीएफ पुराने मामले खोलकर सभी दोषियों पर कार्यवाही करे और सभी ट्रांसपोर्टरों के शोषण को रोका जाय।
Author: Chautha Prahari
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