15 Best News Portal Development Company In India

जीरो पावर्टी की ओर बढ़ रहा उत्तर प्रदेश, योगी सरकार का मॉडल ले रहा आकार

SHARE:

लखनऊ, 2 जनवरी। उत्तर प्रदेश में गरीबी उन्मूलन अब महज नीतिगत घोषणा नहीं रह गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा संचालित ‘जीरो पावर्टी’ मिशन ने प्रशासनिक इच्छाशक्ति, तकनीक और जमीनी सत्यापन को जोड़ते हुए एक सशक्त मॉडल प्रस्तुत किया है। इस अभियान का उद्देश्य स्पष्ट है, हर पात्र परिवार को योजनाओं से जोड़ा जाए। दो चरणों में किए गए इस व्यापक अभ्यास से यह साफ हो गया है कि योगी सरकार संख्या से अधिक पात्रता, पारदर्शिता और परिणाम पर ध्यान केंद्रित कर रही है। लखनऊ के गोसाईगंज में रहने वाले रामसागर, उर्मिला और रामू इसी का जीता जगता उदाहरण हैं, जिन्हें योजना के तहत मकान, पानी, सड़क, बिजली, राशन समेत अन्य मूलभूत सुविधाओं से लैस किया गया है।

समावेशी विकास की ओर निर्णायक कदम
प्रदेश सरकार द्वारा जीरो पावर्टी अभियान के तहत लखनऊ के गोसाईगंज में रहने वाले रामसागर, उर्मिला और रामू को मकान, पानी, सड़क, बिजली, राशन समेत अन्य मूलभूत सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। इनकी तरह, प्रदेश भर में वंचितों को चिन्हित कर सरकार की विभिन्न योजनाओं से जोड़ा जा रहा है। ये सभी लाभार्थी योगी सरकार की तारीफ करते नहीं थक रहे। इनका कहना है कि योगी सरकार का जीरो पावर्टी मिशन केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि भोजन, स्वास्थ्य, आवास, शिक्षा, जल, ऊर्जा और आजीविका से जुड़े समग्र समाधान का नाम है। यह अभियान उत्तर प्रदेश को समावेशी विकास और सामाजिक सुरक्षा के राष्ट्रीय मॉडल के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक निर्णायक पहल है।

पहला चरण: 8 मूलभूत योजनाओं में डीबीटी पर फोकस
जीरो पावर्टी अभियान के प्रथम चरण में 8 प्रमुख योजनाओं के अंतर्गत पात्र परिवारों को शत-प्रतिशत डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) से जोड़ने का लक्ष्य तय किया गया। जिला स्तरीय रिपोर्ट के अनुसार राशन योजना में 97 प्रतिशत पात्र परिवारों तक लाभ पहुंच चुका है, जो खाद्य सुरक्षा के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। निराश्रित महिला पेंशन योजना में 87 प्रतिशत और दिव्यांग पेंशन में 62 प्रतिशत लाभार्थियों को आच्छादित किया गया है। वहीं पीएम/सीएम जन आरोग्य योजना के अंतर्गत 63 प्रतिशत पात्र परिवारों को स्वास्थ्य सुरक्षा कवच मिला है।वृद्धावस्था पेंशन, बीओसीडब्ल्यू श्रम कार्ड, किसान सम्मान निधि और पीएम/सीएम आवास योजना में पात्रता मानकों की जांच, डुप्लीकेट प्रविष्टियों की पहचान और डेटा शुद्धिकरण का काम तेजी से जारी है। सरकार का स्पष्ट रुख है कि सभी वास्तविक जरूरतमंद हर हाल में योजनाओं से जुड़ें।

दूसरा चरण: वंचित परिवारों का घर-घर सत्यापन
15 अक्टूबर 2025 से शुरू हुए दूसरे चरण में 16 योजनाओं के अंतर्गत वंचित परिवारों का स्थलीय सत्यापन किया जा रहा है, जिसे 15 जनवरी तक पूरा किया जाना है। इस दौरान
पीएम उज्ज्वला योजना, शौचालय सहायता योजना, जल जीवन मिशन के अलावा विद्युत कनेक्शन जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए पात्र लाभार्थियों के सत्यापन का कार्य पूरी रफ्तार से आगे बढ़ रहा है।

महिला और शिक्षा सशक्तिकरण पर विशेष जोर
सर्वे में सामने आए तथ्यों के आधार पर महिलाओं को बड़े पैमाने पर आजीविका मिशन के तहत स्वयं सहायता समूहों से जोड़ने की तैयारी है। वहीं शिक्षा के क्षेत्र में करीब 11 हजार बच्चों को पुनः नामांकन के माध्यम से शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076: फीडबैक से नीति निर्माण
योगी सरकार ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 को योजनाओं की समीक्षा का मजबूत आधार बनाया है। हेल्पलाइन पर प्राप्त शिकायतों और सुझावों के विश्लेषण से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि नीतियां जमीनी जरूरतों के अनुरूप हों और किसी भी पात्र परिवार को वंचित न रहना पड़े।

VINAY PRAKASH SINGH
Author: VINAY PRAKASH SINGH

Registration NO. UDYAM -UP-24-0043854

best news portal development company in india
सबसे ज्यादा पड़ गई