15 Best News Portal Development Company In India

यूपी न्यूज: जीपीएस युक्त वाहनों के प्रयोग से यूपी में खाद्यान्न उठान में बढ़ी पारदर्शिता

SHARE:

 

5 हजार से अधिक वाहनों के माध्यम से गोदाम से दुकान तक निगरानी की मजबूत चेन

लखनऊ, 02 जनवरी। उत्तर प्रदेश में जनवितरण प्रणाली के अंतर्गत खाद्यान्न को चोरी, लीकेज और गड़बड़ी से मुक्त करने की दिशा में जीपीएस आधारित ट्रैकिंग सिस्टम एक गेम चेंजर बनकर उभरा है। 5 हजार से अधिक वाहनों के माध्यम से अनाज डिपो से उचित दर विक्रेताओं की दुकानों तक खाद्यान्न की आवाजाही अब पूरी तरह डिजिटल निगरानी में है। सिंगल स्टेज डोर स्टेप डिलीवरी व्यवस्था और जीपीएस ट्रैकिंग की वजह से खाद्यान्न की एक-एक बोरी पर नजर रखी जा रही है, जिससे चोरी और कालाबाजारी पर रोक लगी है।

डिजिटल निगरानी से खत्म हुई कालाबाजारी

प्रदेश में खाद्यान्न के उठान कार्यों में लगे 5000 से अधिक वाहनों में जीपीएस डिवाइस इंस्टाल की जा चुकी है। इससे भारतीय खाद्य निगम के डिपो से उचित दर दुकानों तक होने वाला पूरा परिवहन रियल टाइम ट्रैक किया जा रहा है। वाहन कहां से चला, कहां रुका और तय समय में गंतव्य तक पहुंचा या नहीं, हर जानकारी कंट्रोल सिस्टम में दर्ज हो रही है। इसका सीधा असर यह हुआ है कि रास्ते में खाद्यान्न की हेराफेरी, डायवर्जन और कालाबाजारी लगभग समाप्त हो गई है।

धान और मोटे अनाज की खरीद में भी सख्त निगरानी

खरीफ विपणन सत्र 2025-26 में धान खरीद के दौरान भी जीपीएस ट्रैकिंग व्यवस्था को अनिवार्य किया गया है। प्रदेश के सभी जनपदों में क्रय केन्द्रों से राइस मिलों तक धान परिवहन में प्रयुक्त 3773 वाहनों में जीपीएस डिवाइस इंस्टाल की गई है। इसके अलावा मोटे अनाज मक्का, ज्वार और बाजरा के परिवहन के लिए 1428 वाहनों को भी जीपीएस से जोड़ा गया है। इससे सरकारी खरीद से लेकर भंडारण डिपो तक की पूरी सप्लाई चेन पारदर्शी हो गई है।

सिंगल स्टेज डोर स्टेप डिलीवरी से सिस्टम हुआ मजबूत
प्रदेश में ब्लॉक गोदामों की व्यवस्था समाप्त कर सिंगल स्टेज डोर स्टेप डिलीवरी मॉडल लागू किया गया है। इसके तहत भारतीय खाद्य निगम के डिपो से सीधे उचित दर विक्रेताओं की दुकानों तक खाद्यान्न पहुंचाया जा रहा है। यह पूरा कार्य ई-टेंडर के माध्यम से नियुक्त ठेकेदारों से कराया जा रहा है जिससे मानवीय हस्तक्षेप कम हुआ है और जवाबदेही तय हुई है। जीपीएस ट्रैकिंग के साथ यह मॉडल जनवितरण प्रणाली में पारदर्शिता की रीढ़ बन गया है।

निर्बाध और सुरक्षित वितरण प्रणाली का निर्माण
प्रदेश में चयनित लाभार्थियों को वित्तीय वर्ष 2025-26 में अभी तक कुल 8.03 लाख मीट्रिक टन खाद्यान्न और मोटे अनाजों का आवंटन किया गया है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में अंत्योदय लाभार्थियों हेतु 36850.35 मीट्रिक टन चीनी का आवंटन किया जा चुका है। जीपीएस ट्रैकिंग व्यवस्था के कारण यह सुनिश्चित हो रहा है कि यह खाद्यान्न बिना चोरी, बिना कटौती और सही समय पर लाभार्थियों तक पहुंचे। योगी आदित्यनाथ सरकार का स्पष्ट संदेश है कि सरकारी खाद्यान्न अब रास्ते में गायब नहीं होगा। तकनीक के सहारे निगरानी, जवाबदेही और पारदर्शिता ने यह साबित कर दिया है कि मजबूत इच्छाशक्ति और स्मार्ट सिस्टम से खाद्यान्न चोरी जैसे पुराने संकट को भी जड़ से खत्म किया जा सकता है।

VINAY PRAKASH SINGH
Author: VINAY PRAKASH SINGH

Registration NO. UDYAM -UP-24-0043854

best news portal development company in india
सबसे ज्यादा पड़ गई