Breaking News
बेंगलुरु में सीएम योगी का निवेशकों को न्योता, बोले- सेफ्टी, स्टेबिलिटी और स्पीड का मॉडल बना उत्तर प्रदेश बेंगलुरु में यूपी मॉडल की चर्चा, निवेशकों ने कहा- उत्तर प्रदेश बन रहा निवेश और रोजगार का नया केंद्र Lucknow News: लखनऊ मेट्रो विस्तार को मिली रफ्तार, ₹384 करोड़ में बनेंगे 5 नए स्टेशन और 4.6 किमी एलिवेटेड कॉरिडोर Lucknow News: अलीगंज अग्निकांड: घटनास्थल पहुंची एसआईटी, घायलों से भी की पूछताछ,7 दिन में आएगी रिपोर्ट Lucknow News: लखनऊ में अंतिम बड़े मंगल पर उमड़ी आस्था, इंदिरा नगर के भंडारे में हजारों श्रद्धालुओं ने ग्रहण किया प्रसाद यूपी न्यूज: अलीगंज अग्निकांड के बाद पुराने रिकॉर्ड पर सवाल, 2016 में जारी ध्वस्तीकरण आदेश दो माह में ही हुआ था निरस्त
15 Best News Portal Development Company In India

लखनऊ में ‘गुरु गोरखनाथ स्वास्थ्य सेवा यात्रा’ के कार्यकर्ताओं का सम्मान, सीएम योगी बोले—सेवा भाव ही मानव की श्रेष्ठता

SHARE:

गुरु गोरखनाथ सेवा यात्रा में शामिल हुए सीएम योगी आदित्यनाथ

लखनऊ, 25 मार्च। राजधानी लखनऊ में आयोजित ‘गुरु गोरखनाथ स्वास्थ्य सेवा यात्रा’ के कार्यकर्ताओं के सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भाग लिया और इस पहल को समाज के अंतिम व्यक्ति तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने वाला एक महत्वपूर्ण अभियान बताया। उन्होंने कहा कि यह यात्रा केवल इलाज तक सीमित नहीं है, बल्कि यह दूरस्थ और उपेक्षित क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ने का सशक्त माध्यम बन चुकी है।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में नेशनल मेडिकोज ऑर्गेनाइजेशन (एनएमओ) के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि वर्ष 2019 से शुरू हुई यह सेवा यात्रा आज एक व्यापक जन-आंदोलन का रूप लेती जा रही है। उन्होंने बताया कि यह अभियान विशेष रूप से उत्तर प्रदेश के नेपाल सीमा से सटे सात जिलों—महराजगंज, सिद्धार्थनगर, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी और पीलीभीत में संचालित हो रहा है। इन क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना एक बड़ी चुनौती रही है, लेकिन स्वयंसेवकों ने समर्पण के साथ इस जिम्मेदारी को निभाया है।

गुरु गोरखनाथ सेवा यात्रा में शामिल हुए सीएम योगी आदित्यनाथ
गुरु गोरखनाथ सेवा यात्रा की जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री photo credit chautha Prahari

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि “मानव का सेवा भाव ही उसे अन्य प्राणियों से श्रेष्ठ बनाता है।” उन्होंने कार्यकर्ताओं की सराहना करते हुए कहा कि वे समाज के लिए प्रेरणा का कार्य कर रहे हैं और उनकी जितनी भी प्रशंसा की जाए, वह कम है।
उन्होंने स्वास्थ्य के क्षेत्र में जागरूकता को सबसे अहम बताते हुए कहा कि “उपचार से अधिक महत्वपूर्ण बचाव है।” उन्होंने बताया कि सीमावर्ती क्षेत्रों में त्वचा रोग, जलजनित बीमारियां, एनीमिया और तपेदिक जैसी समस्याएं अधिक पाई जाती हैं, जिन्हें जागरूकता के माध्यम से काफी हद तक रोका जा सकता है। साथ ही उन्होंने मातृ-शिशु मृत्यु दर को कम करने के लिए जागरूकता अभियान को और मजबूत करने की जरूरत बताई।
सीएम योगी ने कहा कि यदि मां और बच्चा स्वस्थ हैं, तो समाज भी स्वस्थ रहेगा। उन्होंने चिकित्सकों से अपील की कि वे केवल अस्पतालों तक सीमित न रहें, बल्कि महीने में कम से कम एक दिन समाज के गरीब और जरूरतमंद लोगों की सेवा के लिए समर्पित करें।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने सीमावर्ती क्षेत्रों के सामाजिक और ऐतिहासिक संदर्भों का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि नेपाल सीमा से जुड़े क्षेत्रों में रहने वाले समुदायों ने हमेशा राष्ट्र के प्रति अपनी निष्ठा दिखाई है और आज भी विकास की मुख्यधारा से जुड़े रहने का प्रयास कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2017 के बाद राज्य सरकार ने वनटांगिया गांवों और अन्य पिछड़े समुदायों के विकास के लिए व्यापक कार्य किए हैं। इन गांवों को राजस्व ग्राम का दर्जा देकर वहां बुनियादी सुविधाएं जैसे आवास, बिजली, पानी, स्कूल, आंगनवाड़ी और स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई गई हैं। साथ ही पात्र लोगों को पेंशन, राशन कार्ड और आयुष्मान भारत योजना के तहत स्वास्थ्य बीमा का लाभ भी दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार थारू, मुसहर, कोल, सहरिया, बुक्सा और चेरो जैसे जनजातीय समुदायों के जीवन स्तर को सुधारने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। इसी क्रम में उन्होंने बहराइच के भरतापुर गांव के दौरे की जानकारी देते हुए कहा कि वहां जनजातीय परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर बसाकर उन्हें जमीन और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब समाज एकजुट होकर सेवा भाव से कार्य करता है, तो उसके परिणाम व्यापक और सकारात्मक होते हैं। उन्होंने बताया कि यह स्वास्थ्य सेवा यात्रा, जो 2019 में केवल 27 हजार मरीजों तक सीमित थी, अब लगभग 2.66 लाख लोगों तक पहुंच चुकी है।
राष्ट्रभक्ति पर अपने विचार रखते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सच्ची राष्ट्रभक्ति अपने कर्तव्यों के प्रति ईमानदारी और समर्पण में निहित होती है। उन्होंने कहा कि छात्र, शिक्षक, कर्मचारी या चिकित्सक—हर व्यक्ति अपने कार्य को निष्ठा से निभाकर राष्ट्र निर्माण में योगदान दे सकता है।
कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने सभी कार्यकर्ताओं, चिकित्सकों और स्वयंसेवकों को उनके योगदान के लिए सम्मानित किया और धन्यवाद दिया। उन्होंने विश्वास जताया कि यह अभियान भविष्य में और व्यापक रूप लेकर समाज के हर वर्ग तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। साथ ही उन्होंने चैत्र नवरात्रि और रामनवमी की शुभकामनाएं देते हुए सभी से इस सेवा कार्य से जुड़ने का आह्वान किया।

VINAY PRAKASH SINGH
Author: VINAY PRAKASH SINGH

Registration NO. UDYAM -UP-24-0043854

best news portal development company in india
सबसे ज्यादा पड़ गई