लखनऊ(विनय प्रकाश सिंह), 14अप्रैल।उत्तर प्रदेश की औद्योगिक प्रगति में एक और ऐतिहासिक अध्याय जुड़ने जा रहा है। राजधानी लखनऊ स्थित टाटा मोटर्स के अत्याधुनिक प्लांट में निर्मित 10 लाखवीं कमर्शियल गाड़ी को बुधवार को हरी झंडी दिखाई जाएगी। इस खास मौके पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं उपस्थित रहेंगे और इस ऐतिहासिक उपलब्धि को प्रदेश के औद्योगिक विकास का प्रतीक बताएंगे।
इस समारोह में एन. चंद्रशेखरन (टाटा संस के चेयरमैन) और प्रदेश के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक भी मौजूद रहेंगे। यह उपलब्धि न केवल टाटा मोटर्स के लिए, बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश के औद्योगिक परिदृश्य के लिए गर्व का विषय मानी जा रही है।
सबसे खास बात यह है कि यह 10 लाखवीं गाड़ी एक जीरो-एमिशन इलेक्ट्रिक बस है, जो ग्रीन मोबिलिटी की दिशा में एक बड़ा कदम है। यह बस न केवल प्रदूषण को कम करने में सहायक होगी, बल्कि राज्य और देश के पर्यावरणीय लक्ष्यों को भी मजबूती प्रदान करेगी। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा निर्धारित नेट-जीरो 2070 लक्ष्य और टाटा मोटर्स के 2045 नेट-जीरो विजन के अनुरूप यह पहल सतत विकास की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

प्रदेश सरकार का लक्ष्य उत्तर प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाना है। इसके लिए औद्योगिक निवेश, मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर और रोजगार सृजन को प्राथमिकता दी जा रही है। ऐसे में टाटा मोटर्स के लखनऊ प्लांट की यह उपलब्धि न केवल निवेशकों के विश्वास को बढ़ाएगी, बल्कि प्रदेश को औद्योगिक हब के रूप में स्थापित करने में भी मदद करेगी।
करीब तीन दशकों से अधिक समय से संचालित यह प्लांट उत्तर प्रदेश के औद्योगिक विकास का मजबूत स्तंभ रहा है। वर्ष 1992 में स्थापित यह यूनिट आज प्रदेश में 8,000 से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार प्रदान कर रही है। इसके साथ ही, कंपनी द्वारा ‘कौशल्या’, ‘लक्ष्य’ और ‘सक्षम’ जैसे स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम्स भी चलाए जा रहे हैं, जिससे स्थानीय युवाओं को तकनीकी प्रशिक्षण और रोजगार के बेहतर अवसर मिल रहे हैं।
पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में भी यह प्लांट एक मिसाल बन चुका है। यह सुविधा 100% नवीकरणीय ऊर्जा पर आधारित है और जल-सकारात्मक सुविधा के रूप में जाना जाता है। इससे न केवल ऊर्जा की बचत होती है बल्कि जल संरक्षण के क्षेत्र में भी सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
उत्तर प्रदेश सरकार का लक्ष्य राज्य को 1 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाना है, जिसमें औद्योगिक क्षेत्र की भूमिका सबसे अहम मानी जा रही है। ऐसे में टाटा मोटर्स जैसी बड़ी कंपनियों की उपलब्धियां राज्य के औद्योगिक आत्मविश्वास को और मजबूत करती हैं।
इस ऐतिहासिक उपलब्धि के साथ यह स्पष्ट हो गया है कि उत्तर प्रदेश अब केवल कृषि आधारित राज्य नहीं, बल्कि तेजी से उभरता हुआ औद्योगिक हब भी बन रहा है। आने वाले समय में ऐसे और निवेश और उपलब्धियां प्रदेश को देश के अग्रणी औद्योगिक राज्यों में शामिल करने में अहम भूमिका निभाएंगी।
Author: Chautha Prahari
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