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शटल कॉक की तरह सपनों को गिरने मत दो: खिलाड़ियों को सीएम योगी का संदेश

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लखनऊ,09 मई(चौथा प्रहरी)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खिलाड़ियों को बड़ा संदेश देते हुए कहा कि जैसे बैडमिंटन में खिलाड़ी शटल कॉक को जमीन पर नहीं गिरने देते, वैसे ही जीवन में अपने सपनों और हौसलों को भी टूटने नहीं देना चाहिए। उन्होंने कहा कि खेल केवल जीत-हार का नाम नहीं है, बल्कि अनुशासन, संघर्ष और लगातार बेहतर बनने की सीख भी देता है।

लखनऊ में पुलिस बैडमिंटन प्रतियोगिता का उद्घाटन कर सीएम योगी आदित्यनाथ किया शुभारंभ 
मुख्यमंत्री शनिवार को बाबू बनारसी दास यूपी बैडमिंटन अकैडमी में आयोजित द्वितीय अखिल भारतीय पुलिस बैडमिंटन क्लस्टर प्रतियोगिता (बैडमिंटन-टेबल टेनिस) 2025-26 के उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने बैडमिंटन खेलकर खिलाड़ियों का उत्साह भी बढ़ाया और प्रतियोगिता की स्मारिका का विमोचन किया।
सीएम योगी ने कहा कि खेल इंसान को गिरकर फिर उठना सिखाता है। हर पदक के पीछे संघर्ष और हार न मानने की कहानी होती है। उन्होंने कहा कि प्रतिभा शुरुआत देती है, लेकिन मेहनत ही मंजिल तक पहुंचाती है। जितना अधिक पसीना बहता है, जीत उतनी बड़ी होती है।
उन्होंने कहा कि बैडमिंटन और टेबल टेनिस जैसे खेलों में एकाग्रता और त्वरित निर्णय बहुत जरूरी होते हैं। यही गुण जीवन की कठिन परिस्थितियों और आपदा प्रबंधन में भी काम आते हैं।
पांच दिन चलेगी प्रतियोगिता, 1400 खिलाड़ी ले रहे हिस्सा
मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तर प्रदेश में पहली बार आयोजित हो रही इस पांच दिवसीय प्रतियोगिता में करीब 1400 खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत में खेलों को बढ़ावा देने की परंपरा बहुत पुरानी रही है। कबड्डी, कुश्ती, खो-खो, धनुर्विद्या, मलखंभ और शतरंज जैसे खेल लंबे समय से भारतीय जीवन का हिस्सा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि स्वस्थ शरीर और स्वस्थ मस्तिष्क से ही मजबूत चरित्र बनता है और यही राष्ट्र निर्माण की नींव है। इसलिए खेलकूद को रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बनाना जरूरी है।
अर्जुन और बलराम का उदाहरण देकर समझाया खेल का महत्व
सीएम योगी ने महाभारत का जिक्र करते हुए कहा कि अर्जुन एकाग्रता, अनुशासन और समर्पण के प्रतीक हैं। वहीं बलराम शक्ति और संतुलन का प्रतीक माने जाते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार इन परंपराओं से प्रेरणा लेकर खेल संस्कृति को मजबूत कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल के मैदान में जो सीख मिलती है, वह केवल किताबों से नहीं मिल सकती। मैदान खिलाड़ियों को अनुशासन, धैर्य और टीम भावना सिखाता है।
2017 से पहले खिलाड़ियों की हालत खराब थी: सीएम
सीएम योगी ने पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में खेल सुविधाओं की हालत खराब थी। कई स्टेडियमों में बुनियादी सुविधाएं तक नहीं थीं। ट्रैक टूटे पड़े थे और स्विमिंग पूल सूखे रहते थे। खिलाड़ी दफ्तर-दफ्तर भटकते थे और प्रतिभाएं प्रतीक्षा सूची में दम तोड़ देती थीं।
उन्होंने कहा कि अब स्थिति बदल चुकी है। प्रदेश सरकार ने खिलाड़ियों के लिए पारदर्शी भर्ती, पदोन्नति और नकद पुरस्कार की व्यवस्था लागू की है।
खिलाड़ियों को नौकरी और प्रमोशन देने का दावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने खिलाड़ियों के लिए नौकरियों में दो प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण लागू किया है। अब खेल केवल शौक नहीं बल्कि सम्मानजनक करियर बन रहा है।
उन्होंने बताया कि अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर के 534 खिलाड़ियों को यूपी पुलिस और अन्य विभागों में सीधी भर्ती दी जा चुकी है। वहीं 546 नई भर्तियां प्रक्रियाधीन हैं।
सीएम ने कई खिलाड़ियों का नाम लेते हुए कहा कि यह सरकार और खिलाड़ियों के बीच विश्वास का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि अब खाकी और खेल के बीच मजबूत रिश्ता बन चुका है।
युवाओं के लिए प्रेरणा बनेगी प्रतियोगिता
मुख्यमंत्री ने कहा कि हर ग्राम पंचायत में खेल मैदान, ब्लॉक स्तर पर मिनी स्टेडियम और हर जिले में स्टेडियम विकसित किए जा रहे हैं ताकि गांवों से निकलने वाली प्रतिभाओं को मंच मिल सके।
उन्होंने उम्मीद जताई कि यह प्रतियोगिता युवाओं को खेलों के प्रति प्रेरित करेगी और प्रदेश में बेहतर खेल संस्कृति विकसित करने में मददगार साबित होगी।
कार्यक्रम में पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्णा ने अतिथियों का स्वागत किया। इस दौरान कई वरिष्ठ अधिकारी और खेल संगठन से जुड़े पदाधिकारी मौजूद रहे।

 

VINAY PRAKASH SINGH
Author: VINAY PRAKASH SINGH

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