अयोध्या,10 मई (चौथा प्रहरी)। जन शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही पर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। शशांक त्रिपाठी ने आईजीआरएस और सीएम हेल्पलाइन पोर्टल की समीक्षा के बाद 23 अधिकारियों का मई माह का वेतन अगले आदेश तक रोक दिया है। यह कार्रवाई अप्रैल 2026 में आई शिकायतों की जांच के बाद की गई।

जांच में सामने आया कि कई मामलों में शिकायतों का निस्तारण तो दिखा दिया गया, लेकिन शिकायतकर्ता पूरी तरह संतुष्ट नहीं मिले। कई विभागों में शिकायतकर्ताओं से संपर्क का प्रतिशत भी 90 फीसदी से कम पाया गया। डीएम ने इसे गंभीर लापरवाही माना और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई कर दी।
कार्रवाई की जद में कई अहम विभागों के अधिकारी आए हैं। इनमें मिल्कीपुर एसडीएम, बेसिक शिक्षा अधिकारी, खनन निरीक्षक अयोध्या, आवास एवं विकास परिषद के सम्पत्ति प्रबंधक, जिला समन्वयक कौशल विकास मिशन, सहायक निदेशक मत्स्य विभाग, प्रधानाचार्य प्राविधिक शिक्षा, एडीओ पंचायत अमानीगंज, सीडीपीओ तारून, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, प्रधानाचार्य आईटीआई, वित्त एवं लेखाधिकारी बेसिक शिक्षा, बीडीओ मया बाजार, एडीओ पंचायत मवई, तहसीलदार बीकापुर, दुग्ध विकास विभाग प्रबंधक, अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत, पशु चिकित्साधिकारी अमानीगंज और सोहावल, बीडीओ सोहावल, बीडीओ पूराबाजार, बीईओ बीकापुर और प्रभारी चिकित्साधिकारी पूराबाजार शामिल हैं।
डीएम की इस कार्रवाई के बाद प्रशासनिक महकमे में हलचल बढ़ गई है। माना जा रहा है कि अब अधिकारियों को शिकायतों के निस्तारण में ज्यादा सतर्क रहना होगा। आम लोगों से सीधा संवाद और शिकायतों का समय पर समाधान प्रशासन की प्राथमिकता बनेगा।
आने वाले समय में इस कार्रवाई का असर दूसरे विभागों पर भी देखने को मिल सकता है। प्रशासन अब केवल कागजी निस्तारण नहीं, बल्कि शिकायतकर्ता की संतुष्टि को भी अहम मान रहा है। इससे सरकारी कामकाज में जवाबदेही बढ़ने की उम्मीद है।
Author: VINAY PRAKASH SINGH
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