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पंचायत चुनाव में OBC आरक्षण पर बड़ा फैसला, यूपी सरकार बनाएगी समर्पित आयोग

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लोकभवन में कैबिनेट बैठक के उपरांत मीडिया सेंटर में प्रेस वार्ता करते हुए संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना 

लखनऊ,18 मई(चौथा प्रहरी)। राजधानी लखनऊ में सोमवार को हुई कैबिनेट बैठक में प्रदेश सरकार ने पंचायत चुनावों में ओबीसी आरक्षण को लेकर बड़ा फैसला लिया। मुख्यमंत्री Yogi Adityanath की अध्यक्षता में हुई बैठक में “उत्तर प्रदेश राज्य स्थानीय ग्रामीण निकाय समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग” के गठन को मंजूरी दे दी गई। यह आयोग प्रदेश की ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायतों में अन्य पिछड़ा वर्ग यानी ओबीसी के लिए आरक्षण तय करने का काम करेगा।
सरकार ने यह फैसला उच्चतम न्यायालय के आदेश के अनुपालन में लिया है। आयोग पंचायत चुनावों में ओबीसी वर्ग की सामाजिक और राजनीतिक स्थिति का अध्ययन करेगा। इसके बाद निकायवार आरक्षण को लेकर अपनी सिफारिश सरकार को देगा। आयोग को छह महीने के भीतर रिपोर्ट सौंपनी होगी।

लोकभवन में कैबिनेट बैठक के उपरांत मीडिया सेंटर में प्रेस वार्ता करते हुए संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना 
कैबिनेट बैठक में कुल 12 प्रस्ताव रखे गए थे और सभी को मंजूरी मिल गई। बैठक के बाद वित्त मंत्री Suresh Kumar Khanna ने फैसलों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आयोग समकालीन और अनुभवजन्य आधार पर अध्ययन करेगा। इसमें पिछड़े वर्गों की जनसंख्या, पंचायतों में उनकी भागीदारी और सामाजिक प्रतिनिधित्व जैसे पहलुओं को शामिल किया जाएगा।
सरकार के अनुसार पंचायतों में आरक्षण की व्यवस्था पहले से लागू है। यह व्यवस्था उत्तर प्रदेश पंचायत राज अधिनियम 1947 और उत्तर प्रदेश क्षेत्र पंचायत एवं जिला पंचायत अधिनियम 1961 के तहत संचालित होती है। ओबीसी आरक्षण कुल पदों के 27 प्रतिशत से अधिक नहीं होगा। अगर अद्यतन जनसंख्या आंकड़े उपलब्ध नहीं होंगे तो आयोग सर्वेक्षण कराकर आंकड़े तैयार कर सकेगा।
कैबिनेट के फैसले के मुताबिक आयोग में कुल पांच सदस्य होंगे। इनमें एक सेवानिवृत्त हाईकोर्ट जज को अध्यक्ष बनाया जाएगा। बाकी सदस्यों में ऐसे लोगों को शामिल किया जाएगा जिन्हें पिछड़े वर्गों से जुड़े मामलों का अनुभव और जानकारी हो।
सरकार ने साफ किया है कि संविधान के अनुच्छेद 243-घ के तहत पंचायतों में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और पिछड़े वर्गों को आरक्षण देने का प्रावधान है। आयोग की रिपोर्ट आने के बाद पंचायत चुनावों में आरक्षण का अंतिम ढांचा तय किया जाएगा।
इस फैसले का असर आने वाले पंचायत चुनावों पर सीधे तौर पर पड़ सकता है। आयोग की रिपोर्ट के बाद प्रदेश में ओबीसी आरक्षण का नया स्वरूप सामने आएगा। इससे पंचायतों में प्रतिनिधित्व को लेकर नई तस्वीर बन सकती है।

VINAY PRAKASH SINGH
Author: VINAY PRAKASH SINGH

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