लखनऊ,26मई(चौथा प्रहरी)। योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को साफ निर्देश दिए कि सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं का असर सीधे आम लोगों को दिखना चाहिए। उन्होंने कहा कि अस्पतालों में इलाज, जांच, दवाओं और आपात सेवाओं की गुणवत्ता लगातार बेहतर होनी चाहिए।

लखनऊ में हुई बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार को आधुनिक तकनीक, बेहतर प्रबंधन और प्रशिक्षित मानव संसाधन से जोड़ना जरूरी है। उन्होंने मेडिकल कॉलेजों, नर्सिंग संस्थानों और सुपर स्पेशियलिटी सेवाओं को और मजबूत करने पर जोर दिया।
प्रदेश में तेजी से बढ़े मेडिकल कॉलेज और सीटें
बैठक में बताया गया कि वर्ष 2016-17 के मुकाबले 2025-26 तक प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या 44 से बढ़कर 83 हो गई है। एमबीबीएस सीटें 5390 से बढ़कर 12800 तक पहुंच गई हैं। वहीं पीजी सीटों की संख्या 1344 से बढ़कर 5067 हो गई है।
सरकार ने नर्सिंग शिक्षा के विस्तार पर भी जोर दिया है। वर्तमान में प्रदेश में 652 नर्सिंग संस्थान संचालित हैं। करीब 3.95 लाख पंजीकृत नर्सिंग स्टाफ उपलब्ध हैं। मिशन निरामया 1.0 के तहत हजारों शिक्षकों और छात्रों को प्रशिक्षण दिया गया है।
आयुष्मान योजना को बताया गरीबों का सबसे बड़ा सहारा
मुख्यमंत्री ने कहा कि Ayushman Bharat Pradhan Mantri Jan Arogya Yojana गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए सबसे बड़ा सहारा बन चुकी है। उन्होंने निर्देश दिए कि अस्पतालों के क्लेम का भुगतान तय समय सीमा में किया जाए ताकि मरीजों को बेहतर सुविधाएं मिलती रहें।
बैठक में जानकारी दी गई कि प्रदेश में 6480 अस्पताल इस योजना से जुड़े हैं और अब तक 96.75 लाख से अधिक मुफ्त उपचार किए जा चुके हैं।
अब आयुष पद्धतियों का इलाज भी होगा कैशलेस योजना में शामिल
मुख्यमंत्री ने बड़ा फैसला लेते हुए दीनदयाल उपाध्याय राज्य कर्मचारी कैशलेस चिकित्सा योजना में आयुष पद्धतियों को भी शामिल करने के निर्देश दिए। इसके तहत आयुर्वेद, यूनानी और होम्योपैथी की आईपीडी सेवाओं को भी योजना का हिस्सा बनाया जाएगा।
कोविड काल में काम करने वाले स्वास्थ्यकर्मियों को प्राथमिकता
सीएम योगी ने कहा कि कोविड काल में सेवाएं देने वाले स्वास्थ्य कर्मियों का नेशनल हेल्थ मिशन के तहत प्राथमिकता के आधार पर समायोजन किया जाए। उन्होंने आशा वर्करों का भुगतान समय से करने के भी निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने हेल्थ एटीएम सेवाओं के विस्तार और संचारी रोग नियंत्रण अभियान को और प्रभावी बनाने पर जोर दिया।
एम्बुलेंस रिस्पॉन्स टाइम कम करने के निर्देश
बैठक में बताया गया कि प्रदेश में 375 एडवांस लाइफ सपोर्ट एम्बुलेंस संचालित हैं और अब तक 9.38 लाख मरीजों को रेफर किया जा चुका है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आपात स्थिति में हर मिनट महत्वपूर्ण होता है, इसलिए एम्बुलेंस रिस्पॉन्स टाइम और कम किया जाए।
उन्होंने एम्बुलेंस संचालकों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
अस्पतालों में एक्सपायरी दवाओं पर सख्ती
मुख्यमंत्री ने दवाओं की गुणवत्ता को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि सरकारी अस्पतालों में तीन महीने से कम एक्सपायरी वाली दवाएं नहीं होनी चाहिए। उनकी जगह नई दवाएं उपलब्ध कराई जाएं।
प्रदेश के 75 जिलों में डायलिसिस सेवा और 74 जिलों में सीटी स्कैन सेवा उपलब्ध होने की जानकारी भी बैठक में दी गई।
डिजिटल हेल्थ और रिसर्च पर जोर
बैठक में बताया गया कि आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत 15.28 करोड़ से ज्यादा आभा आईडी बनाई जा चुकी हैं। 15.14 करोड़ से अधिक इलेक्ट्रॉनिक हेल्थ रिकॉर्ड लिंक किए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने रिसर्च, मेडटेक और डिजिटल हेल्थ पहल को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। बताया गया कि मेडिकल रिसर्च और मेडटेक क्षेत्र में करीब 1500 करोड़ रुपये निवेश के लिए इंटेंट फाइल किए गए हैं।
ट्रॉमा, कैंसर और आईसीयू सेवाओं को प्राथमिकता
सरकार ने ट्रॉमा और इमरजेंसी सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में भी तेजी दिखाई है। बैठक में यूपी ट्रॉमा एवं इमरजेंसी नेटवर्क, कैंसर मिशन और CARE-UP मिशन की प्रगति की समीक्षा की गई।
Sanjay Gandhi Postgraduate Institute of Medical Sciences में 500 बेड के एडवांस पीडियाट्रिक सेंटर पर काम जारी है। वहीं Dr. Ram Manohar Lohia Institute of Medical Sciences में 1010 बेड वाले नए अत्याधुनिक अस्पताल को मंजूरी दी गई है।
भविष्य में और मजबूत होगी स्वास्थ्य व्यवस्था
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में तकनीक, जवाबदेही और संवेदनशीलता साथ दिखाई देनी चाहिए। उन्होंने निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेजों और स्वास्थ्य परियोजनाओं को तय समय में पूरा करने के निर्देश दिए।
सरकार की कोशिश है कि गांव से लेकर बड़े शहर तक लोगों को बेहतर इलाज, तेज आपात सेवा और आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हों। आने वाले समय में मेडिकल शिक्षा, डिजिटल हेल्थ और रिसर्च के विस्तार से प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था और मजबूत होने की उम्मीद है।
Author: VINAY PRAKASH SINGH
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