गोरखपुर, 3 जून(चौथा प्रहरी)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भूमि संबंधी शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही पर कड़ा रुख अपनाया है। बुधवार को गोरखनाथ मंदिर में आयोजित जनता दर्शन के दौरान उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जमीन से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही मिलने पर सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि मामले की गंभीरता के अनुसार जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों को निलंबित भी किया जा सकता है।

गोरखपुर प्रवास के दौरान लगातार दूसरे दिन आयोजित जनता दर्शन में मुख्यमंत्री ने करीब 150 लोगों की समस्याएं सुनीं। इस दौरान कई लोगों ने जमीन संबंधी विवादों और राजस्व कर्मियों की लापरवाही की शिकायत की। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।
जनता दर्शन में पहुंचे लोगों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि सरकार हर जरूरतमंद के साथ खड़ी है और किसी को परेशान होने की जरूरत नहीं है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी शिकायतों का निस्तारण समयबद्ध, निष्पक्ष और संतोषजनक तरीके से किया जाए।
कार्यक्रम के दौरान एक महिला ने शिकायत की कि कुछ लोगों ने उसे उसके मकान से बेदखल कर दिया है। इस पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि महिला को उसके मकान पर कब्जा दिलाया जाए और मामले में आवश्यक कार्रवाई की जाए।
जनता दर्शन में स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी बड़ी संख्या में सामने आईं। इलाज के लिए आर्थिक सहायता मांगने वाले लोगों से मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार उनकी हर संभव मदद करेगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी पात्र और जरूरतमंद लोगों के आयुष्मान कार्ड जल्द से जल्द बनवाए जाएं ताकि उन्हें इलाज के लिए आर्थिक परेशानी का सामना न करना पड़े।
इसी दौरान एक महिला ने अपनी मां के इलाज के लिए सहायता का अनुरोध किया। जब मुख्यमंत्री ने आयुष्मान कार्ड के बारे में पूछा तो महिला ने बताया कि उसके पास कार्ड नहीं है। इस पर मुख्यमंत्री ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को तत्काल आयुष्मान कार्ड बनवाने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि गंभीर बीमारियों से जूझ रहे जरूरतमंद लोगों को आवश्यकता पड़ने पर विवेकाधीन कोष से आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने को कहा कि कोई भी पात्र व्यक्ति सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे।

जनता दर्शन के बाद मुख्यमंत्री की दिनचर्या सामान्य रही। उन्होंने गोरखनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना की और अपने गुरुदेव Mahant Avaidyanath को श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद मंदिर की गोशाला में जाकर गोवंश को गुड़ और रोटी खिलाई। मंदिर परिसर में भ्रमण के दौरान उन्होंने बच्चों से मुलाकात की, उन्हें चॉकलेट दी और पढ़ाई पर ध्यान देने की सलाह दी।
मुख्यमंत्री के इस सख्त रुख से यह संकेत मिला है कि भूमि विवादों और राजस्व मामलों में लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। साथ ही आयुष्मान कार्ड और स्वास्थ्य सहायता पर दिए गए निर्देशों से जरूरतमंद लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है। आने वाले समय में प्रशासनिक जवाबदेही बढ़ने और जनसमस्याओं के त्वरित समाधान की दिशा में इसका असर देखने को मिल सकता है।
Author: VINAY PRAKASH SINGH
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