लखनऊ, 03जून(चौथा प्रहरी)।उत्तर प्रदेश के शहरों में सार्वजनिक परिवहन को आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा फैसला लिया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में प्रदेश के 18 शहरों में 1725 वातानुकूलित इलेक्ट्रिक बसों के संचालन को मंजूरी दे दी गई। यह बसें ग्रॉस कॉस्ट कॉन्ट्रैक्ट (जीसीसी) मॉडल पर चलाई जाएंगी। सरकार का उद्देश्य यात्रियों को बेहतर सुविधा देना, प्रदूषण कम करना और शहरी परिवहन व्यवस्था को मजबूत बनाना है।

लखनऊ में 3 जून को हुई कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव समेत कुल 24 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने बैठक के फैसलों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नई इलेक्ट्रिक बसों का संचालन आगरा, अलीगढ़, अयोध्या, बरेली, फिरोजाबाद, गाजियाबाद, गोरखपुर, झांसी, कानपुर, लखनऊ, मथुरा-वृंदावन, मेरठ, मुरादाबाद, प्रयागराज, शाहजहांपुर, सहारनपुर, वाराणसी और नोएडा-जेवर क्षेत्र में किया जाएगा।
योजना के तहत 9 मीटर और 12 मीटर श्रेणी की कुल 1725 एसी इलेक्ट्रिक बसें सड़कों पर उतरेंगी। इन बसों का संचालन निजी कंपनियों द्वारा किया जाएगा। जीसीसी मॉडल के तहत बसों की खरीद, चार्जिंग स्टेशन की व्यवस्था, चालक और तकनीकी स्टाफ की उपलब्धता, संचालन तथा रखरखाव की पूरी जिम्मेदारी निजी ऑपरेटरों की होगी। सरकार तय मानकों के अनुसार उन्हें संचालन और अनुरक्षण शुल्क का भुगतान करेगी।
सरकार इस योजना के लिए अनुदान भी देगी। 12 मीटर की प्रत्येक इलेक्ट्रिक बस पर 40 लाख रुपये और 9 मीटर की बस पर 35 लाख रुपये का अनुदान दिया जाएगा। वहीं बस डिपो के निर्माण के लिए आवश्यक भूमि संबंधित नगर निगमों और नोएडा प्राधिकरण की ओर से निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएगी। यात्रियों से लिया जाने वाला किराया और अन्य उपयोगकर्ता शुल्क राज्य सरकार तय करेगी।
सरकार का मानना है कि इस परियोजना से शहरों में सार्वजनिक परिवहन की गुणवत्ता बेहतर होगी। इलेक्ट्रिक बसों के बढ़ने से प्रदूषण में कमी आएगी और लोगों को अधिक आरामदायक, सुरक्षित तथा समयबद्ध यात्रा सुविधा मिलेगी। इसके साथ ही निजी निवेश के जरिए सरकार पर वित्तीय बोझ भी कम होगा।
गौरतलब है कि वर्तमान में प्रदेश के 15 नगर निगम क्षेत्रों में नगरीय परिवहन निदेशालय की ओर से 743 इलेक्ट्रिक बसों का संचालन किया जा रहा है। नई 1725 बसों के जुड़ने के बाद उत्तर प्रदेश का शहरी परिवहन नेटवर्क और अधिक मजबूत होगा। आने वाले वर्षों में यह योजना पर्यावरण संरक्षण, बेहतर यातायात व्यवस्था और स्मार्ट शहरों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
Author: VINAY PRAKASH SINGH
Registration NO. UDYAM -UP-24-0043854





