लखनऊ,18जून(चौथा प्रहरी)।मोदी सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के अवसर पर गुरुवार को लखनऊ के गोमतीनगर स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान के ज्यूपिटर हॉल में प्राकृतिक खेती विषयक प्रदर्शनी और कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को प्राकृतिक खेती की नई तकनीकों और कम लागत वाली खेती के तरीकों से जोड़ना था।

कार्यक्रम में भाजपा के वरिष्ठ नेता डॉ. नीरज सिंह, भाजपा लखनऊ महानगर अध्यक्ष आनंद द्विवेदी, विधान परिषद सदस्य अश्वनी त्यागी, अमरेश रावत, जिला अध्यक्ष विजय मौर्य, लोकभारती के राष्ट्रीय संगठन मंत्री बिजेंद्र पाल सिंह और अवध क्षेत्रीय अध्यक्ष अरुण सिंह ‘गप्पू’ सहित कई जनप्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। अतिथियों ने किसानों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन किया और प्राकृतिक खेती से जुड़े विभिन्न मॉडल और उत्पादों की जानकारी प्राप्त की।
कार्यशाला के दौरान किसानों और कृषि विशेषज्ञों ने प्राकृतिक खेती के फायदे, जैविक खाद के उपयोग, जीवामृत की भूमिका और कम लागत में बेहतर उत्पादन के तरीकों पर अपने अनुभव साझा किए। कई किसानों ने बताया कि प्राकृतिक खेती अपनाने से खेती की लागत में कमी आई है और मिट्टी की गुणवत्ता में भी सुधार हुआ है।
भाजपा वरिष्ठ नेता डॉ. नीरज सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा मिला है। उन्होंने कहा कि यह खेती किसानों की लागत कम करने के साथ-साथ भूमि की उर्वरता बढ़ाने और पर्यावरण संरक्षण में भी मददगार है। उनके अनुसार रसायनमुक्त और पौष्टिक खाद्यान्न उपलब्ध कराने में भी प्राकृतिक खेती की महत्वपूर्ण भूमिका है।
भाजपा लखनऊ महानगर अध्यक्ष आनंद द्विवेदी ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में किसान कल्याण सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास कर रही है और इस तरह की कार्यशालाएं किसानों तक नई जानकारी पहुंचाने का प्रभावी माध्यम हैं।
कार्यक्रम में मौजूद किसानों ने जैविक खाद, प्राकृतिक कीटनाशक और अन्य कृषि नवाचारों से जुड़े अपने अनुभव साझा किए। इससे उपस्थित किसानों को खेती के वैकल्पिक और टिकाऊ तरीकों की जानकारी मिली।
मीडिया प्रभारी अनुराग साहू ने बताया कि कार्यक्रम में महामंत्री घनश्याम दास अग्रवाल, सत्येंद्र सिंह, टिंकू सोनकर, विनायक पांडेय, सीता नेगी, पंकज सक्सेना, अर्चना साहू, शैलेन्द्र राय, किसान मोर्चा लखनऊ महानगर अध्यक्ष प्रमोद सिंह, अतुल मिश्रा सहित बड़ी संख्या में किसान और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अधिक किसान प्राकृतिक खेती की ओर बढ़ते हैं तो खेती की लागत कम होगी, मिट्टी की सेहत बेहतर होगी और पर्यावरण संरक्षण को भी मजबूती मिलेगी। ऐसी कार्यशालाएं किसानों को नई जानकारी देने के साथ उन्हें टिकाऊ कृषि पद्धतियों से जोड़ने में अहम भूमिका निभा सकती हैं।
Author: VINAY PRAKASH SINGH
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