लखनऊ,25 जून(चौथा प्रहरी)। आपातकाल की 51वीं बरसी पर आयोजित ‘संविधान हत्या दिवस’ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने लोकतंत्र सेनानियों के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार जल्द ही लोकतंत्र सेनानियों को प्रतिवर्ष 5 लाख रुपये तक की कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराएगी। साथ ही उनके निधन पर राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार की व्यवस्था भी की जाएगी।

लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने लोकतंत्र सेनानियों का सम्मान करते हुए कहा कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए इन लोगों ने जेल की यातनाएं झेली और अपने अधिकारों के लिए संघर्ष किया। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों का सम्मान करना गौरव की बात है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में वर्तमान में 3,780 लोकतंत्र सेनानी और 1,461 आश्रित हैं। राज्य सरकार वर्ष 2018 से लोकतंत्र सेनानियों और उनके आश्रितों को हर महीने 20 हजार रुपये की सम्मान राशि दे रही है। इसके अलावा लोकतंत्र सेनानी या उनके पति-पत्नी को एक सहायक के साथ राज्य परिवहन निगम की सभी श्रेणी की बसों में निशुल्क यात्रा की सुविधा भी दी जा रही है। सरकारी अस्पतालों में मुफ्त इलाज की व्यवस्था पहले से लागू है।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि अब सरकार स्वास्थ्य सुविधाओं को और मजबूत करने जा रही है। इसके तहत लोकतंत्र सेनानियों को सालाना 5 लाख रुपये तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा दी जाएगी। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र के लिए संघर्ष करने वालों को सम्मान देना सरकार की जिम्मेदारी है और आने वाली पीढ़ियों को भी इससे प्रेरणा मिलेगी।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कई लोकतंत्र सेनानियों को सम्मानित किया। इनमें भारत दीक्षित, गया प्रसाद सोनकर, राम सिंह कुशवाहा, विद्या राम वर्मा, अजय सिंह और ओम प्रकाश गुप्ता शामिल रहे। इन लोगों ने आपातकाल के दौरान जेल में रहकर संघर्ष किया था।
कार्यक्रम के दौरान लोकतंत्र सेनानियों ने अपने अनुभव भी साझा किए। लोकतंत्र सेनानी भारत दीक्षित ने कहा कि आपातकाल के समय उनकी गिरफ्तारी के दौरान उनके कपड़े तक फाड़ दिए गए थे। इसके बावजूद उन्होंने सत्याग्रह जारी रखा और लोकतांत्रिक अधिकारों की लड़ाई लड़ी।
वहीं विद्या राम वर्मा ने कहा कि आपातकाल के वर्षों बाद भी उस दौर की यादें उन्हें भावुक कर देती हैं। उन्होंने बताया कि उनके घर को रात में घेर लिया गया था और जेलों में बंद लोगों के साथ कठोर व्यवहार किया जाता था। उन्होंने दावा किया कि उस समय कैदियों के नाखून उखाड़े गए और जबरन नसबंदी जैसी घटनाएं भी हुईं।
मुख्यमंत्री की नई घोषणाओं से प्रदेश के हजारों लोकतंत्र सेनानियों और उनके परिवारों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है। स्वास्थ्य सुरक्षा और राजकीय सम्मान जैसी व्यवस्थाएं उनके योगदान को मान्यता देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही हैं। इससे लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए संघर्ष करने वालों के प्रति सम्मान का संदेश भी जाएगा।
Author: VINAY PRAKASH SINGH
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