लखनऊ,14जुलाई(चौथा प्रहरी)। ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ के प्रस्ताव पर देशभर में चल रहे विचार-विमर्श के बीच संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) ने सोमवार को उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना से मुलाकात कर उनके सुझाव लिए। लखनऊ में आयोजित बैठक में चुनावी व्यवस्था, प्रशासनिक प्रभाव और विकास कार्यों से जुड़े कई पहलुओं पर चर्चा हुई।

सतीश महाना ने समिति के सामने कहा कि अलग-अलग समय पर होने वाले चुनावों का असर जनप्रतिनिधियों के कामकाज और सरकारी व्यवस्था दोनों पर पड़ता है। उनका कहना था कि यदि लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ कराए जाएं तो जनप्रतिनिधियों को विकास कार्यों पर अधिक समय देने का अवसर मिलेगा और जनता को भी बार-बार चुनावी माहौल का सामना नहीं करना पड़ेगा।
उन्होंने यह भी कहा कि लगातार चुनाव होने से प्रशासन, सुरक्षा बल और सरकारी तंत्र का बड़ा हिस्सा लंबे समय तक चुनावी ड्यूटी में लगा रहता है। एक साथ चुनाव होने से समय, संसाधनों और सरकारी मशीनरी का बेहतर उपयोग किया जा सकेगा।
बैठक के दौरान समिति ने चुनाव सुधार से जुड़े अलग-अलग पक्षों पर भी राय जुटाई। इसमें राजनीतिक दलों, विधि विशेषज्ञों, सरकारी अधिकारियों, निर्वाचन से जुड़े अधिकारियों, शिक्षाविदों, उद्योग जगत और मीडिया प्रतिनिधियों से भी संवाद किया जा रहा है।
भारतीय जनता पार्टी के सांसद पी.पी. चौधरी की अध्यक्षता वाली 39 सदस्यीय संयुक्त संसदीय समिति इन दिनों तीन दिवसीय लखनऊ दौरे पर है। समिति संविधान (129वां संशोधन) विधेयक, 2024 और संघ राज्य क्षेत्र कानून (संशोधन) विधेयक, 2024 की समीक्षा कर रही है। इससे पहले समिति कई अन्य राज्यों में भी इसी विषय पर सुझाव जुटा चुकी है।
आगे क्या
लखनऊ दौरे के दौरान मिलने वाले सुझाव समिति की अंतिम रिपोर्ट का हिस्सा बनेंगे। इसी रिपोर्ट के आधार पर ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ से जुड़े प्रस्तावित कानून पर आगे की संसदीय प्रक्रिया और फैसला तय होगा।
Author: VINAY PRAKASH SINGH
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