लखनऊ,चौथा प्रहरी 6 दिसंबर। उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद द्वारा 12 अगस्त को प्रदेश के मुख्य सचिव एवं सभी संबंधित अधिकारियों को भेजी गई नोटिस के क्रम में संयुक्त परिषद द्वारा आंदोलन का तृतीय चरण जोश खरोश के साथ चलाया जा रहा है। मंडलीय सम्मेलनों में कर्मचारियों का जोश चरम पर है। 20 जनवरी 2026 को विधानसभा पर धरना प्रदर्शन को लेकर कर्मचारी अति उत्साहित हैं ।संयुक्त परिषद के अध्यक्ष जेएन तिवारी ने लखनऊ में प्रेस विज्ञप्ति में बताया है कि आगरा, गोरखपुर ,कानपुर में मंडली सम्मेलन संपन्न हो चुका है। 7 दिसंबर रविवार को चित्रकूट/ झांसी मंडल का मंडली सम्मेलन हमीरपुर में संपन्न होने जा रहा है, जिसमें संयुक्त परिषद के अध्यक्ष महामंत्री सहित कई केंद्रीय पदाधिकारी प्रतिभाग कर रहे हैं। जेएन तिवारी के मुताबिक सरकार कर्मचारियों की मांगों पर बिल्कुल ध्यान नहीं दे रही है। मुख्यमंत्री ने आउटसोर्स कर्मचारी के लिए निगम का गठन कर दिया है परंतु अभी तक निगम धरातल पर नहीं उतर सका है।आउटसोर्स कर्मचारी अभी भी शोषण के शिकार हैं, ना तो उनको न्यूनतम मानदेय मिल रहा है और नहीं सेवा सुरक्षा की कोई गारंटी है। नियमित कर्मचारियों की वेतन विसंगतियों पर मुख्य सचिव समिति निर्णय नहीं कर रही है। मुख्य सचिव एवं प्रमुख सचिव कार्मिक के स्तर पर संवाद हीनता बनी हुई है। विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव , सचिव कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान नहीं कर रहे हैं। नगरीय परिवहन के संविदा चालकों परिचालकों को सेवा से अलग किया जा रहा है, आशा बहुओं को समय से मानदेय नहीं मिल रहा है ।उनका उत्पीड़न जनपद स्तर पर किया जा रहा है विगत कई वर्षों से आशा बहुओं के मानदेय में कोई बढ़ोतरी भी नहीं हुई है । जे एन तिवारी ने अवगत कराया है कि कर्मचारियों की मांगों पर उपेक्षा के चलते ही आंदोलन की स्थिति बन गई है। यही स्थिति बनी रही तो 20 जनवरी को विधानसभा पर जबरदस्त धरना प्रदर्शन होगा, जिसमें 50000 से अधिक कर्मचारी शिरकत कर सकते हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया है।
Author: VINAY PRAKASH SINGH
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