15 Best News Portal Development Company In India

यूपी न्यूजः यीडा बनेगा उत्तर भारत का सबसे बड़ा मल्टी-मॉडल ट्रांसपोर्ट और इंडस्ट्रियल हब

SHARE:

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को यमुना, ईस्टर्न पेरिफेरल और दिल्ली–मुंबई एक्सप्रेसवे से मिलेगी हाई-स्पीड कनेक्टिविटी

एयर कार्गो के लिए डेडिकेटेड रोड नेटवर्क, उद्योगों को मिलेगा तेज और सस्ता लॉजिस्टिक्स सपोर्ट

नोएडा। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) क्षेत्र को देश के सबसे महत्वाकांक्षी मल्टी-मॉडल ट्रांसपोर्ट हब (MMTH) के रूप में विकसित कर रही है। इस समग्र योजना का उद्देश्य उत्तर प्रदेश को निवेश, उद्योग, लॉजिस्टिक्स और रोजगार के क्षेत्र में राष्ट्रीय ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाना है। इस पूरे विजन का केंद्र नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, जेवर है, जो पूर्ण होने के बाद उत्तर भारत का सबसे बड़ा एविएशन और लॉजिस्टिक्स गेटवे बनेगा।यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण के एसीईओ शैलेन्द्र कुमार भाटिया ने बताया कि योगी सरकार की प्राथमिकता है कि एयर, रोड, रेल, आरआरटीएस और एक्सप्रेसवे—पांचों माध्यमों से निर्बाध कनेक्टिविटी उपलब्ध कराई जाए। इसके तहत 8 लेन एक्सेस कंट्रोल यमुना एक्सप्रेसवे को एयरपोर्ट से सीधे जोड़ा गया है, जिससे दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश तक तेज आवाजाही संभव होगी। ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे के माध्यम से हरियाणा और उत्तराखंड की सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी, जबकि दिल्ली–मुंबई एक्सप्रेसवे बल्लभगढ़ इंटरचेंज के जरिए जेवर एयरपोर्ट से जुड़कर देश के सबसे बड़े औद्योगिक और वाणिज्यिक कॉरिडोर को सीधा लाभ पहुंचाएगा।लॉजिस्टिक्स सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए योगी सरकार ने एयर कार्गो हेतु नॉर्थ और ईस्ट डेडिकेटेड एक्सेस रोड विकसित करने की योजना बनाई है, जिससे भारी मालवाहक वाहनों को शहरों में प्रवेश किए बिना एयरपोर्ट तक सीधा रास्ता मिलेगा। इसके साथ ही भविष्य में गंगा एक्सप्रेसवे और NH-34 को YEIDA सेक्टर और यमुना एक्सप्रेसवे से जोड़ने की तैयारी है, जिससे पूर्वांचल, मध्य और पश्चिमी उत्तर प्रदेश की कनेक्टिविटी और मजबूत होगी।शहरी परिवहन को आधुनिक बनाने की दिशा में प्रस्तावित RRTS नेटवर्क के जरिए दिल्ली और एनसीआर से YEIDA सेक्टर और नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को जोड़ने की योजना है। इसके अलावा औद्योगिक इकाइयों और एयरपोर्ट के लिए रेल कनेक्टिविटी भी विकसित की जा रही है, जिसमें दिल्ली–हावड़ा और दिल्ली–मुंबई रेल कॉरिडोर से सीधा जुड़ाव शामिल है। इससे माल परिवहन की लागत कम होगी और निर्यात को नई गति मिलेगी।इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ-साथ योगी सरकार की उद्योग-हितैषी नीतियों का असर यह है कि यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक क्षेत्र और EMC पार्क में बड़े पैमाने पर निवेश आ रहा है। इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर क्षेत्र में एचसीएल–फॉक्सकॉन समूह की वामा सुंदरी इन्वेस्टमेंट द्वारा सेमीकंडक्टर टेस्टिंग सुविधा, हैवेल्स इंडिया की एंकर यूनिट, डिक्सन टेक्नोलॉजीज, एडिटेक सेमीकंडक्टर्स, एसेंट के सर्किट जैसी कंपनियां इस क्षेत्र को हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग हब बना रही हैं।इसके अतिरिक्त ऑटोमोबाइल और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी सेक्टर में एस्कॉर्ट कुबोटा, मिंडा कॉर्पोरेशन, नीनजास इलेक्ट्रिक जैसी कंपनियों के निवेश से रोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं। रिन्यूएबल एनर्जी और ग्रीन मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए सैल सोलर, एंबर एंटरप्राइजेज और इलेक्ट्रिक व्हीकल मैन्युफैक्चरर्स वेलफेयर ट्रस्ट जैसी इकाइयों की मौजूदगी उत्तर प्रदेश को स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में अग्रणी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। वहीं पाइन वैली वेंचर और डेकी इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे प्रोजेक्ट्स टेक्सटाइल और इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स सेक्टर को मजबूती दे रहे हैं।सरकार का मानना है कि मजबूत कनेक्टिविटी, आधुनिक लॉजिस्टिक्स और उद्योगों के अनुकूल वातावरण से YEIDA क्षेत्र लाखों युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करेगा।

Chautha Prahari
Author: Chautha Prahari

Vinay Prakash Singh Editor in Chief M.N0- 9454215946 Registration NO. UDYAM -UP-24-0043854