
अयोध्या में सियासी संदेश या सामाजिक समीकरण? भाजपा के नए जिला अध्यक्ष पर उठे सवाल
अयोध्या, 27 फरवरी।भारतीय जनता पार्टी द्वारा अयोध्या में संगठनात्मक फेरबदल के बाद नया सियासी विवाद खड़ा हो गया है। पार्टी ने राधेश्याम त्यागी को जिला अध्यक्ष घोषित किया है और उन्हें पासी समाज से बताया है, जबकि स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि वह कोरी समाज से आते हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है—क्या यह सामाजिक समीकरण साधने की रणनीति है या फिर जल्दबाज़ी में हुई चूक?
जनपद में पासी समाज का मतदाता आधार कोरी समाज की तुलना में अधिक माना जाता है। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि यदि सामाजिक पहचान को लेकर भ्रम की स्थिति बनती है तो विपक्ष इसे मुद्दा बना सकता है।
सूत्रों के मुताबिक मिल्कीपुर विधानसभा चुनाव के दौरान टिकट न मिलने से राधेश्याम त्यागी नाराज बताए जा रहे थे। ऐसे में जिला अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी को राजनीतिक ‘डैमेज कंट्रोल’ के रूप में भी देखा जा रहा है। संगठन के भीतर संतुलन साधने और नाराजगी दूर करने की यह कोशिश कितनी सफल होगी, यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा।
फिलहाल अयोध्या की सियासत में यह नियुक्ति चर्चा का केंद्र बनी हुई है। विपक्ष इसे सामाजिक समीकरणों से खिलवाड़ बता रहा है, तो भाजपा इसे संगठनात्मक मजबूती की दिशा में बड़ा कदम बता रही है।
Author: Chautha Prahari
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