नई दिल्ली, 01मार्च।सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता, “योगी आदित्यनाथ लोक कल्याण के पथ पर” पुस्तक की लेखिका एवं सनातन, हिंदुत्व व गौमाता के मुद्दों पर सक्रिय रहने वाली रीना एन सिंह ने उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव द्वारा जगद्गुरु रामभद्राचार्य महाराज पर की गई टिप्पणी की कड़ी निंदा की है।
ज्ञात हो कि हाल ही में अविमुक्तेश्वरानंद से जुड़े विवाद के संदर्भ में अखिलेश यादव ने रामभद्राचार्य महाराज को निशाने पर लेते हुए कहा था कि 420 के मामले में उनकी सरकार को उन्हें जेल भेज देना चाहिए था और जेल न भेजकर गलती हुई।

इस पर प्रतिक्रिया देते हुए अधिवक्ता रीना एन सिंह ने कहा कि अखिलेश यादव का यह बयान संपूर्ण सनातन समाज का अपमान है। उनका कहना है कि रामभद्राचार्य महाराज के ऊपर कभी कोई मुकदमा दर्ज नहीं हुआ। वह एक प्रतिष्ठित संत हैं और उनके करोड़ों अनुयायियों को इस बयान से गहरी ठेस पहुंची है।
उन्होंने आगे कहा कि अखिलेश यादव के पिता की समाजवादी सरकार में राम भक्तों पर गोली चलवाई गई थी, इसलिए उन्हें शंकराचार्य और सनातन की चिंता करने के बजाय आत्ममंथन करना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि शंकराचार्य प्रकरण को कुछ लोग राजनीतिक रंग देने का प्रयास कर रहे हैं, जबकि मामला न्यायालय में विचाराधीन है।
रीना एन सिंह ने कहा कि शंकराचार्य मामले में कौन दोषी है, इसका निर्णय अदालत करेगी। अदालत साक्ष्यों और तथ्यों के आधार पर फैसला देती है तथा किसी भी प्रकार के दबाव में कार्य नहीं करती।
उन्होंने यह भी कहा कि अखिलेश यादव को स्पष्ट करना चाहिए कि मुख्यमंत्री रहते हुए वे किन-किन लोगों के पास आशीर्वाद लेने जाया करते थे।
विदित है कि अधिवक्ता रीना एन सिंह, अविमुक्तेश्वरानंद पर आरोप लगाने वाले बटुकों के पैरोकार आशुतोष महाराज की भी अधिवक्ता हैं।
Author: Chautha Prahari
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