लखनऊ, 8 मार्च। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वीडियो संदेश जारी कर प्रदेश की सभी महिलाओं और बेटियों को शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय संस्कृति में नारी को केवल परिवार की धुरी नहीं, बल्कि सृजन, शक्ति और संस्कार की मूल प्रेरणा माना गया है। उन्होंने कहा कि हमारे शास्त्रों में भी नारी सम्मान को सर्वोच्च स्थान दिया गया है।
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का प्रदेशवासियों के नाम वीडियो संदेश।
मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि ‘यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते, रमन्ते तत्र देवता’ का अर्थ है कि जहां नारी का सम्मान होता है, वहीं देवत्व का वास होता है। यह केवल आदर्श वाक्य नहीं, बल्कि भारत की उस जीवन दृष्टि का प्रतीक है जिसने समाज को संवेदनशील, संतुलित और संस्कारित बनाए रखा है।
सशक्त महिला समाज और राष्ट्र के विकास की आधारशिला
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज के समय में नारी सम्मान का अर्थ केवल सामाजिक प्रतिष्ठा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह महिलाओं की शिक्षा, सुरक्षा, स्वास्थ्य और आत्मनिर्भरता से भी जुड़ा हुआ है। जब महिला सशक्त होती है तो वह केवल अपने जीवन को नहीं बदलती, बल्कि परिवार को मजबूत करती है, समाज को नई दिशा देती है और राष्ट्र के विकास को गति प्रदान करती है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में महिला सशक्तिकरण को राष्ट्रीय विकास की प्रमुख धुरी बनाया गया है। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, प्रधानमंत्री जनधन योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, स्वामित्व योजना, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ और आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं ने करोड़ों महिलाओं को सम्मान और आत्मनिर्भरता की नई शक्ति प्रदान की है।
महिला सुरक्षा और स्वावलंबन सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में डबल इंजन सरकार ने महिला सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। वर्ष 2017 में सरकार बनने के बाद बेटियों की सुरक्षा के लिए एंटी रोमियो स्क्वायड का गठन किया गया। आज उत्तर प्रदेश पुलिस में 44 हजार से अधिक महिला पुलिसकर्मी सुरक्षा व्यवस्था में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।
उन्होंने बताया कि मिशन शक्ति अभियान के माध्यम से प्रदेश में महिला सम्मान और जागरूकता का व्यापक वातावरण तैयार हुआ है।
स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर महिलाएं बन रहीं आत्मनिर्भर
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि महिलाओं का वास्तविक सशक्तिकरण तभी संभव है जब वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनें। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश में आज लगभग एक करोड़ महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर आजीविका और उद्यमिता के नए अवसर सृजित कर रही हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाएं कृषि, खाद्य प्रसंस्करण, हस्तशिल्प और छोटे-छोटे उद्यमों के माध्यम से न केवल अपने परिवार की आय बढ़ा रही हैं बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान कर रही हैं। डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से उनके उत्पाद देश और दुनिया के बाजारों तक पहुंच रहे हैं।
महिलाओं के लिए सरकार उपलब्ध करा रही नए अवसर
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न योजनाएं चला रही है। इनमें मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना, रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना और महिला उद्यमी उत्पाद विपणन योजना शामिल हैं। इन योजनाओं के माध्यम से जीवन के विभिन्न चरणों में महिलाओं को सहयोग प्रदान किया जा रहा है।
हर क्षेत्र में आगे बढ़ रहीं यूपी की बेटियां
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश की बेटियां शिक्षा, विज्ञान, खेल और प्रशासन सहित विभिन्न क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा का परचम लहरा रही हैं। लखनऊ की बेटी ऋतु करिधल इसका प्रेरक उदाहरण हैं, जिन्होंने भारत के मार्स ऑर्बिटर मिशन और चंद्रयान जैसे अंतरिक्ष अभियानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाकर देश का गौरव बढ़ाया है।
उन्होंने कहा कि यदि अवसर और संकल्प मिल जाए तो उत्तर प्रदेश की बेटियां अंतरिक्ष की ऊंचाइयों तक भी पहुंच सकती हैं।
नारी सम्मान और सुरक्षा के लिए सामूहिक संकल्प की जरूरत
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संदेश के अंत में सभी नागरिकों से आह्वान किया कि वे ऐसा वातावरण तैयार करें जहां हर बेटी सुरक्षित हो और हर महिला सम्मान के साथ जीवन जी सके। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर हमें संकल्प लेना चाहिए कि नारी सम्मान को बढ़ावा देंगे, नारी सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे और महिलाओं के स्वावलंबन को मजबूत बनाएं।