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UP Data Center Policy: 24 घंटे बिजली और मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर से निवेश आकर्षित कर रहा उत्तर प्रदेश

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Up data centre policy Government update

 

निर्बाध बिजली और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर से डेटा सेंटर निवेश का नया हब बन रहा उत्तर प्रदेश

लखनऊ, 12 मार्च। उत्तर प्रदेश को देश के प्रमुख डेटा सेंटर हब के रूप में विकसित करने के लिए राज्य सरकार लगातार कदम उठा रही है। मुख्यमंत्री Yogi Adityanath के नेतृत्व में सरकार डेटा सेंटर उद्योग के लिए निर्बाध बिजली आपूर्ति और मजबूत बुनियादी ढांचे को प्राथमिकता दे रही है।

Up data centre policy Government update
सांकेतिक चित्र

राज्य सरकार की Uttar Pradesh Data Center Policy 2021 के तहत डेटा सेंटर पार्कों में ऊर्जा आपूर्ति और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर सुनिश्चित करने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं, जिससे प्रदेश में बड़े पैमाने पर टेक्नोलॉजी निवेश को बढ़ावा मिल रहा है।
24 घंटे बिजली की व्यवस्था
सरकार ने डेटा सेंटर पार्कों और डेटा सेंटर इकाइयों के लिए 24 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की व्यवस्था की है। इसके तहत परियोजनाओं के लिए समर्पित बिजली फीडर उपलब्ध कराए जाएंगे, ताकि संचालन में किसी प्रकार की बाधा न आए।
ड्यूल ग्रिड पावर सप्लाई से सुरक्षित संचालन
डेटा सेंटर उद्योग की जरूरतों को देखते हुए सरकार ने ड्यूल ग्रिड पावर सप्लाई सिस्टम लागू किया है। इसके तहत डेटा सेंटर पार्कों को दो अलग-अलग बिजली स्रोतों से आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी।
इस व्यवस्था से किसी एक ग्रिड में समस्या आने पर भी डेटा सेंटर का संचालन प्रभावित नहीं होगा।
ओपन एक्सेस से सस्ती बिजली
राज्य सरकार ने ऊर्जा लागत को कम करने के लिए ओपन एक्सेस प्रणाली के तहत बिजली खरीदने की सुविधा भी उपलब्ध कराई है। इसके माध्यम से कंपनियां खुले बाजार से प्रतिस्पर्धी दरों पर बिजली खरीद सकेंगी।
बड़ी कंपनियों का निवेश
प्रदेश में Hiranandani Group द्वारा विकसित पहला डेटा सेंटर पार्क Greater Noida में संचालित हो रहा है।
इसके अलावा Adani Group और NTT जैसी बड़ी कंपनियां भी उत्तर प्रदेश में डेटा सेंटर परियोजनाओं को लेकर सक्रिय हैं।
2030 तक 5 गीगावाट क्षमता का लक्ष्य
प्रदेश सरकार ने वर्ष 2030 तक 5 गीगावाट क्षमता वाले डेटा सेंटर क्लस्टर विकसित करने का लक्ष्य रखा है। लगभग 30 हजार करोड़ रुपये के निवेश से 8 डेटा सेंटर पार्क विकसित किए जाएंगे, जिनकी कुल क्षमता करीब 900 मेगावाट होगी।
अब तक सरकार 8 परियोजनाओं को लेटर ऑफ कम्फर्ट जारी कर चुकी है, जिनमें 6 डेटा सेंटर पार्क और 2 डेटा सेंटर इकाइयां शामिल हैं।
मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर
डेटा सेंटर पार्कों के लिए सड़क, पानी, सीवर और अन्य औद्योगिक सुविधाओं को भी प्राथमिकता के आधार पर विकसित किया जा रहा है। औद्योगिक विकास प्राधिकरणों को निर्देश दिए गए हैं कि डेटा सेंटर परियोजनाओं को सभी आवश्यक सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराई जाएं।
विशेषज्ञों का मानना है कि मजबूत बिजली व्यवस्था और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के कारण उत्तर प्रदेश तेजी से देश के प्रमुख डेटा सेंटर निवेश केंद्र के रूप में उभर रहा है।

 

Chautha Prahari
Author: Chautha Prahari

Vinay Prakash Singh Editor in Chief M.N0- 9454215946 Registration NO. UDYAM -UP-24-0043854

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