लखनऊ,25 जुलाई(चौथा प्रहरी)।उत्तर प्रदेश के विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में कार्यरत 1.28 लाख से अधिक शिक्षकों और उनके परिवारों को अब इलाज के लिए अपनी जेब से बड़ी रकम खर्च नहीं करनी पड़ेगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार, 26 जुलाई को आगरा में मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा सुविधा योजना की शुरुआत करेंगे। योजना के तहत हर पात्र परिवार को सालाना 5 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज मिलेगा। इसके साथ ही पंजाब नेशनल बैंक के साथ एक समझौते के जरिए शिक्षकों और कर्मचारियों को अतिरिक्त बीमा और सामाजिक सुरक्षा का लाभ भी दिया जाएगा।

क्या बदलेगा?
अब तक बड़ी संख्या में उच्च शिक्षा संस्थानों के शिक्षकों को इलाज का खर्च खुद उठाना पड़ता था। खासकर गंभीर बीमारी या ऑपरेशन की स्थिति में आर्थिक बोझ बढ़ जाता था। नई व्यवस्था लागू होने के बाद सूचीबद्ध सरकारी और निजी अस्पतालों में बिना पहले भुगतान किए इलाज कराया जा सकेगा।
योजना में विश्वविद्यालयों, सहायता प्राप्त महाविद्यालयों, स्ववित्तपोषित महाविद्यालयों और स्ववित्तपोषित पाठ्यक्रमों में कार्यरत पात्र शिक्षक और उनके आश्रित परिवार शामिल होंगे।
योजना में क्या मिलेगा?
प्रति परिवार हर वर्ष 5 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य कवर।
कार्ड बनने के बाद पहले दिन से ही सुविधा लागू।
अस्पताल में भर्ती, इलाज, दवाइयों और डिस्चार्ज तक का खर्च योजना के दायरे में।
सरकारी और सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में कैशलेस इलाज।
1900 से अधिक उपचार पैकेज शामिल।
कैंसर, हृदय रोग, किडनी रोग और कई जटिल सर्जरी भी योजना के दायरे में।
उपचार की दरें आयुष्मान भारत के तय मानकों के अनुसार होंगी।
पीएनबी के साथ समझौते से अतिरिक्त लाभ
कार्यक्रम के दौरान पंजाब नेशनल बैंक के साथ समझौता भी होगा। इसके बाद पात्र शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को दुर्घटना बीमा, हवाई दुर्घटना बीमा, अस्पताल में भर्ती होने पर नकद सहायता और टर्म लाइफ बीमा जैसी अतिरिक्त सुविधाएं भी मिलेंगी। इससे स्वास्थ्य सुरक्षा के साथ आर्थिक सुरक्षा का दायरा भी बढ़ेगा।
क्यों अहम है यह फैसला?
उच्च शिक्षा संस्थानों में काम करने वाले बड़ी संख्या में शिक्षक लंबे समय से बेहतर स्वास्थ्य सुरक्षा की मांग कर रहे थे। इलाज का खर्च कई परिवारों के लिए चुनौती बन जाता था। नई योजना से गंभीर बीमारी की स्थिति में आर्थिक दबाव कम होने की उम्मीद है। साथ ही शिक्षकों का ध्यान इलाज के खर्च की चिंता के बजाय अपने काम पर अधिक रहेगा।
आगे क्या असर हो सकता है?
यह योजना सफल रही तो भविष्य में शिक्षा क्षेत्र के अन्य वर्गों के लिए भी ऐसी स्वास्थ्य सुरक्षा योजनाओं का रास्ता खुल सकता है। इससे उच्च शिक्षा संस्थानों में कर्मचारियों के लिए सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत होने की संभावना है।
Author: VINAY PRAKASH SINGH
Registration NO. UDYAM -UP-24-0043854





