लखनऊ, 23 मार्च। योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार राज्य को 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ रही है। इसी दिशा में उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) ने लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउसिंग सेक्टर को मजबूती देने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। प्राधिकरण ने 8 नई परियोजनाओं को मंजूरी प्रदान की है, जिनमें लगभग ₹800 करोड़ के निवेश का प्रस्ताव है।
प्रदेश सरकार की उत्तर प्रदेश वेयरहाउसिंग एवं लॉजिस्टिक्स नीति-2022 के तहत निवेशकों को निजी भूमि पर लॉजिस्टिक्स और भंडारण इकाइयां स्थापित करने के लिए विशेष प्रोत्साहन दिए जा रहे हैं। इनमें वित्तीय सहायता, टैक्स छूट और अन्य सुविधाएं शामिल हैं, जिससे राज्य में निवेश का माहौल लगातार बेहतर हो रहा है। इसी नीति के सकारात्मक प्रभाव के कारण निवेशकों का भरोसा तेजी से बढ़ा है और नई परियोजनाओं की संख्या में निरंतर वृद्धि हो रही है।

स्वीकृत 8 परियोजनाओं में 5 साइलो, 2 वेयरहाउसिंग यूनिट और 1 लॉजिस्टिक्स प्रोजेक्ट शामिल हैं। ये परियोजनाएं उन्नाव, औरैया, बलरामपुर, श्रावस्ती, सुल्तानपुर, लखनऊ, गौतम बुद्ध नगर और हापुड़ जैसे जिलों में स्थापित की जाएंगी। इन परियोजनाओं के तहत लगभग 110 एकड़ भूमि का विकास किया जाएगा। इससे प्रदेश की कृषि और औद्योगिक आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत आधार मिलेगा और भंडारण व्यवस्था अधिक आधुनिक और सुरक्षित बनेगी।
📊 61 परियोजनाओं को मिल चुकी मंजूरी
इन नई परियोजनाओं के साथ ही अब तक यूपीसीडा द्वारा वेयरहाउसिंग एवं लॉजिस्टिक्स नीति-2022 और पीआईपी नीति के तहत कुल 61 परियोजनाओं को स्वीकृति दी जा चुकी है। इन परियोजनाओं में ₹12,900 करोड़ से अधिक का निवेश प्रस्तावित है और ये करीब 810 एकड़ भूमि पर विकसित होंगी।
इन परियोजनाओं के क्रियान्वयन से प्रदेश में अनाज के सुरक्षित भंडारण की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। किसानों को बेहतर स्टोरेज सुविधाएं मिलने से उनकी उपज सुरक्षित रहेगी और उन्हें बाजार में बेहतर मूल्य मिलने की संभावना बढ़ेगी। साथ ही मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स हब, वेयरहाउस क्लस्टर और आधुनिक वितरण केंद्रों का विकास भी तेज होगा।
🚚 लॉजिस्टिक्स हब बनने की दिशा में यूपी
राज्य सरकार उत्तर प्रदेश को देश का प्रमुख लॉजिस्टिक्स हब बनाने की दिशा में काम कर रही है। इसके लिए मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स हब, कोल्ड चेन, साइलो और वितरण केंद्रों के निर्माण को प्राथमिकता दी जा रही है। बेहतर सड़क, रेल और हवाई कनेक्टिविटी के साथ इन परियोजनाओं का विकास प्रदेश को व्यापार और आपूर्ति श्रृंखला के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगा।
💼 ईज ऑफ डूइंग बिजनेस पर जोर
सरकार निवेशकों के लिए ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को लगातार बेहतर बनाने पर विशेष ध्यान दे रही है। सभी प्रक्रियाओं को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाया जा रहा है, जिससे निवेशकों को किसी प्रकार की अनावश्यक बाधा का सामना न करना पड़े।
प्राधिकरण यह सुनिश्चित कर रहा है कि नीति के तहत मिलने वाले सभी प्रोत्साहन निवेशकों तक प्रभावी ढंग से पहुंचें और परियोजनाएं तेजी से जमीन पर उतरें। इससे न केवल निवेश को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे।
प्रदेश में तेजी से विकसित हो रहे लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउसिंग सेक्टर से यह स्पष्ट है कि उत्तर प्रदेश औद्योगिक और आर्थिक विकास की दिशा में एक मजबूत आधार तैयार कर रहा है।
Author: Chautha Prahari
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