15 Best News Portal Development Company In India

लखनऊ में 26 अप्रैल को 986 महिला आरक्षियों की पासिंग आउट परेड, सीएम योगी करेंगे सलामी

SHARE:

लखनऊ,24 अप्रैल।राजधानी लखनऊ में 26 अप्रैल को 986 महिला आरक्षियों की दीक्षांत परेड होगी। यह परेड रिजर्व पुलिस लाइंस, महानगर में आयोजित की जाएगी। कार्यक्रम सुबह करीब 8 बजे शुरू होगा।

लखनऊ में महिला आरक्षियों की पासिंग आउट परेड

मुख्यमंत्री Yogi Adityanath परेड का निरीक्षण करेंगे और सलामी लेंगे। यह आयोजन महिला सशक्तीकरण के बड़े संदेश के तौर पर देखा जा रहा है।
पूरे प्रदेश में होगा लाइव प्रसारण
इस परेड को सिर्फ लखनऊ तक सीमित नहीं रखा गया है। इसे प्रदेश के सभी जिलों के पुलिस लाइंस, पीएसी वाहिनियों और प्रशिक्षण केंद्रों में लाइव दिखाया जाएगा। इसका मकसद साफ है—एक साथ पूरे प्रदेश में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी का संदेश देना।
60 हजार से ज्यादा भर्ती में खास भूमिका
आरक्षी नागरिक पुलिस भर्ती-2025 के तहत कुल 60,244 आरक्षियों का चयन हुआ था। इनमें से 986 महिला आरक्षियों ने लखनऊ की आरटीसी में प्रशिक्षण लिया है। अब ये सभी औपचारिक रूप से पुलिस बल का हिस्सा बनेंगी।
2017 के बाद बढ़ी महिलाओं की भागीदारी
आंकड़े बताते हैं कि 1947 से 2017 तक यूपी पुलिस में सिर्फ 10 हजार महिलाओं की भर्ती हुई थी। लेकिन 2017 के बाद यह संख्या तेजी से बढ़ी और अब 44-45 हजार तक पहुंच गई है। अब भर्ती में 20 फीसदी महिलाओं का कोटा अनिवार्य कर दिया गया है।
ट्रेनिंग में क्या-क्या सिखाया गया
इन महिला आरक्षियों को सिर्फ फिजिकल ट्रेनिंग ही नहीं दी गई। प्रशिक्षण को पूरी तरह आधुनिक बनाया गया। इसमें शामिल रहे:
साइबर क्राइम की रोकथाम
सोशल पुलिसिंग
सीसीटीएनएस और तकनीक का इस्तेमाल
फॉरेंसिक साइंस और मेडिसिन
हथियार संचालन
यातायात और आपदा प्रबंधन
पुलिस रेडियो संचार
इसके अलावा कानून, संविधान, मानवाधिकार और लैंगिक संवेदनशीलता पर भी खास ध्यान दिया गया।
व्यवहारिक ट्रेनिंग पर भी जोर
ट्रेनिंग सिर्फ क्लासरूम तक सीमित नहीं रही। महिला आरक्षियों को मैदान में भी तैयार किया गया। उन्हें गार्ड ड्यूटी, बंदी एस्कॉर्ट, हवालात ड्यूटी और वर्दी से जुड़े नियम सिखाए गए। योग, खेल और अनुशासन भी ट्रेनिंग का हिस्सा रहे।
क्या है इसका असर
यह परेड सिर्फ एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं है। इससे साफ संकेत मिलता है कि पुलिस बल में महिलाओं की भूमिका तेजी से बढ़ रही है। आने वाले समय में इससे कानून व्यवस्था और बेहतर हो सकती है। महिलाओं से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता भी बढ़ेगी। साथ ही युवतियों में पुलिस सेवा को लेकर भरोसा और आकर्षण भी बढ़ेगा।

Chautha Prahari
Author: Chautha Prahari

Registration NO. UDYAM -UP-24-0043854