लखनऊ, 27 अप्रैल। उत्तर प्रदेश में अवैध खनन और ओवरलोडिंग पर लगाम लगाने के लिए शनिवार को रायबरेली से उन्नाव और फतेहपुर बॉर्डर तक बड़ा अभियान चलाया गया। यह कार्रवाई भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग की संयुक्त टीम ने की। अभियान में कई वाहनों में नियमों का उल्लंघन मिला, जिस पर 5.23 लाख रुपये से ज्यादा का जुर्माना लगाया गया। विभाग की सचिव माला श्रीवास्तव ने साफ कहा है कि किसी भी हालत में अवैध खनन और ओवरलोडिंग नहीं होने दी जाएगी।

यह विशेष अभियान माला श्रीवास्तव के निर्देश पर चलाया गया। टीम का नेतृत्व अपर निदेशक अरुण कुमार ने किया। इसमें लखनऊ, बाराबंकी और अयोध्या के खान अधिकारी भी शामिल रहे। टीम ने सीमावर्ती इलाकों में उपखनिज ढोने वाले वाहनों की सघन जांच की।
जांच के दौरान कई वाहन ऐसे मिले, जिनके पास जरूरी कागज नहीं थे या वे तय सीमा से ज्यादा लोड लेकर चल रहे थे। ऐसे मामलों में तुरंत कार्रवाई की गई और भारी जुर्माना लगाया गया। कुल मिलाकर 5,23,840 रुपये का अर्थदंड वसूला गया।
अधिकारियों ने साफ किया कि नियमों का उल्लंघन किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जिन वाहनों के पास वैध दस्तावेज नहीं थे, उनके खिलाफ तत्काल कार्रवाई की गई। इससे मौके पर ही हड़कंप मच गया और कई वाहन चालक रास्ता बदलते नजर आए।
माला श्रीवास्तव ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि दूसरे राज्यों से आने वाले उपखनिज केवल वैध इंटरस्टेट ट्रांजिट पास (ISTP) के साथ ही प्रवेश करें। उन्होंने कहा कि ओवरलोडिंग पर पूरी तरह रोक लगाई जाए और किसी भी स्तर पर ढील न दी जाए।
साथ ही यह भी निर्देश दिया गया है कि खनन क्षेत्रों पर ही लोडिंग के नियमों का सख्ती से पालन कराया जाए। इससे यह सुनिश्चित होगा कि सड़क पर निकलने के बाद नियमों का उल्लंघन न हो।
निगरानी को और मजबूत करने के लिए आईओटी आधारित स्मार्ट कैमरे और नंबर प्लेट पहचानने वाले सिस्टम से लैस चेकगेट्स को 24 घंटे चालू रखने के निर्देश दिए गए हैं। इससे हर वाहन की निगरानी होगी और गड़बड़ी होने पर तुरंत कार्रवाई की जा सकेगी।
अधिकारियों को यह भी चेतावनी दी गई है कि अगर किसी स्तर पर लापरवाही मिली तो संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई होगी। विभाग लगातार ऐसे अभियान चलाकर अवैध खनन और परिवहन पर रोक लगाने की कोशिश कर रहा है।
भविष्य का असर-इस तरह के सख्त अभियानों से अवैध खनन पर काफी हद तक रोक लगने की उम्मीद है। इससे सरकार का राजस्व बढ़ेगा और पर्यावरण को भी नुकसान कम होगा। साथ ही, नियमों का पालन करने वाले लोगों को फायदा मिलेगा और व्यवस्था में पारदर्शिता आएगी।
Author: VINAY PRAKASH SINGH
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