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राणा सांगा विवाद पर गरमाई सियासत,रीना एन सिंह बोलीं, पहले माफी मांगें अखिलेश यादव

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 राणा सांगा विवाद पर बयान देतीं अधिवक्ता रीना एन सिंह

महाराणा प्रताप जयंती कार्यक्रम में दिए गए बयान पर सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता रीना एन सिंह ने सपा प्रमुख को घेरा

नई दिल्ली,09 मई(चौथा प्रहरी)। महाराणा प्रताप जयंती के मौके पर समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव द्वारा महाराणा प्रताप की मूर्ति और सोने का भाला लगाने संबंधी दिए गए बयान पर राजनीतिक प्रतिक्रिया तेज हो गई है। सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता और योगी आदित्यनाथ लोक कल्याण के पथ पर नामक पुस्तक की लेखिका रीना एन सिंह ने कहा है कि अखिलेश यादव को सबसे पहले राणा सांगा और महाराणा प्रताप को मानने वाले सनातन समाज से माफी मांगनी चाहिए।
सुप्रीम कोर्ट की वकील रीना एन सिंह ने कहा कि समाजवादी पार्टी के सांसद रामजी लाल सुमन द्वारा राणा सांगा पर दिए गए बयान को कोई भी सनातनी भूल नहीं सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि जब इस मुद्दे पर देशभर में विरोध हो रहा था, तब अखिलेश यादव मामले को शांत करने के बजाय उसे और बढ़ाने का काम कर रहे थे।


 राणा सांगा विवाद पर बयान देतीं अधिवक्ता रीना एन सिंह
उन्होंने कहा कि अब राजनीतिक परिस्थितियां बदलने के बाद समाजवादी पार्टी की भाषा भी बदल रही है। रीना सिंह के मुताबिक, सनातन वीरों और ऐतिहासिक व्यक्तित्वों के सम्मान को लेकर देश की जनता अब ज्यादा सजग हो चुकी है।
रीना एन सिंह ने अपने बयान में यह भी कहा कि पहले भी अखिलेश यादव पर जातीय राजनीति को बढ़ावा देने के आरोप लगते रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि अधिकारियों की सूची वायरल कर ठाकुरवाद का नैरेटिव बनाने की कोशिश की गई थी।
सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट में हिंदुत्व और सनातन से जुड़े मामलों में पैरवी करने वाली रीना सिंह ने कहा कि साधु-संतों और धार्मिक प्रतीकों का अपमान अब जनता बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि देश में धार्मिक और सांस्कृतिक मुद्दों को लेकर लोगों की सोच पहले से ज्यादा स्पष्ट हुई है।
उन्होंने जगतगुरु रामभद्राचार्य के अपमान का भी जिक्र किया और कहा कि राजनीतिक दलों को धार्मिक भावनाओं का सम्मान करना चाहिए। साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के उस बयान का हवाला दिया जिसमें उन्होंने कहा था कि “यह सदी हिंदुत्व की है।
आगे क्या असर पड़ सकता है- महाराणा सांगा और महाराणा प्रताप जैसे ऐतिहासिक योद्धाओं को लेकर दिए गए बयान अब सिर्फ इतिहास तक सीमित नहीं रह गए हैं। उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में ऐसे मुद्दे राजनीतिक बहस का बड़ा हिस्सा बनते जा रहे हैं। आने वाले समय में यह मामला सियासी बयानबाजी और सामाजिक प्रतिक्रिया दोनों के केंद्र में बना रह सकता है।

 

 

VINAY PRAKASH SINGH
Author: VINAY PRAKASH SINGH

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