लखनऊ,18 मई (चौथा प्रहरी)। राजधानी लखनऊ में मुख्यमंत्री Yogi Adityanath की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में पशु चिकित्सा के छात्रों के लिए बड़ा फैसला लिया गया। सरकार ने प्रदेश में अध्ययनरत पशु चिकित्सा छात्रों का इंटर्नशिप भत्ता 4,000 रुपये प्रतिमाह से बढ़ाकर 12,000 रुपये प्रतिमाह करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इस फैसले से छात्रों को आर्थिक राहत मिलेगी और पढ़ाई के दौरान उनका मनोबल भी बढ़ेगा।

पशुपालन मंत्री Dharampal Singh ने बताया कि उत्तर प्रदेश में बड़ी पशुधन आबादी है और राज्य की अर्थव्यवस्था में पशुपालन की अहम भूमिका है। ऐसे में पशुओं के इलाज, बीमारियों की रोकथाम और बेहतर नस्लों के विकास में पशु चिकित्सकों की जिम्मेदारी काफी महत्वपूर्ण हो जाती है।
सरकार के अनुसार यह बढ़ा हुआ इंटर्नशिप भत्ता प्रदेश के तीन प्रमुख कृषि एवं पशु चिकित्सा विश्वविद्यालयों में पढ़ रहे छात्रों को मिलेगा। इनमें Uttar Pradesh Pandit Deen Dayal Upadhyay Pashu Chikitsa Vigyan Vishwavidyalaya Evam Go Anusandhan Sansthan, Acharya Narendra Deva University of Agriculture and Technology और Sardar Vallabhbhai Patel University of Agriculture and Technology शामिल हैं।
अब तक इन विश्वविद्यालयों के छात्रों को 4,000 रुपये प्रतिमाह इंटर्नशिप भत्ता मिलता था। कैबिनेट के फैसले के बाद यह राशि सीधे तीन गुना होकर 12,000 रुपये प्रतिमाह हो जाएगी। इस फैसले से करीब 300 छात्रों को लाभ मिलने का अनुमान है।
मंत्री धर्मपाल सिंह ने कहा कि हरियाणा, कर्नाटक और केरल जैसे राज्यों में दिए जा रहे इंटर्नशिप भत्ते का अध्ययन करने के बाद यह निर्णय लिया गया है। सरकार का मानना है कि बेहतर आर्थिक सहयोग मिलने से छात्र पढ़ाई और प्रशिक्षण दोनों में ज्यादा रुचि लेंगे।
सरकार पर इस फैसले से करीब 4.20 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भार आएगा। यह राशि विश्वविद्यालयों को दिए जाने वाले शासकीय अनुदान के गैर-वेतन मद से उपलब्ध कराई जाएगी।
सरकार का कहना है कि इस कदम से पशु चिकित्सा शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा। आने वाले समय में इससे पशुपालन क्षेत्र में प्रशिक्षित डॉक्टरों की संख्या बढ़ेगी, जिससे पशुओं के बेहतर इलाज और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
Author: VINAY PRAKASH SINGH
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