लखनऊ,26 मई(चौथा प्रहरी)। राजधानी लखनऊ में मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नगर निगम की 413 करोड़ रुपये लागत वाली 342 जनकल्याणकारी परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि बेहतर नगर सुविधाएं ही उत्तर प्रदेश को 1 ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी के लक्ष्य तक पहुंचाने में मदद करेंगी। इस दौरान नगर निगम की विकास यात्रा पर आधारित प्रदर्शनी और पुस्तिका का भी विमोचन किया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि Lucknow नगर निगम पिछले कुछ वर्षों में तेजी से बदला है। स्वच्छता, सड़क, ट्रैफिक और नागरिक सुविधाओं में सुधार दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि लखनऊ को स्वच्छता रैंकिंग में देश में तीसरा स्थान मिलना बड़ी उपलब्धि है, लेकिन अब लक्ष्य नंबर-1 बनने का होना चाहिए।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि नगर निगम केवल सफाई या टैक्स वसूली तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हर नागरिक की समस्या के समाधान का मंच है। उन्होंने कहा कि 100 साल बाद लखनऊ नगर निगम के अपने नए भव्य भवन का निर्माण शुरू होना भी ऐतिहासिक कदम है।
सीएम योगी ने नागरिकों से भी जिम्मेदारी निभाने की अपील की। उन्होंने कहा कि स्वच्छता केवल महापौर, पार्षद या सफाई कर्मचारियों की जिम्मेदारी नहीं है। लोगों को घर का कूड़ा अलग-अलग करना चाहिए, प्लास्टिक का कम इस्तेमाल करना चाहिए और नालियों में कचरा नहीं डालना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने बताया कि जिस जगह आज “राष्ट्र प्रेरणा स्थल” बना है, वहां पहले कई वर्षों तक कूड़ा डंप होता था। अब वहां बड़े कार्यक्रमों और जनसभाओं के लिए आधुनिक सुविधा विकसित की गई है। यहां डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पंडित दीनदयाल उपाध्याय और पूर्व प्रधानमंत्री Atal Bihari Vajpayee की प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं।
उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ने बिना भेदभाव गरीबों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाया है। प्रदेश में 65 लाख गरीबों को आवास, करोड़ों लोगों को शौचालय, मुफ्त राशन और आयुष्मान योजना का लाभ मिला है। नगरीय क्षेत्रों में भी 17 लाख से अधिक गरीब परिवारों को मकान दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने मॉडल गौशाला परियोजना का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि यहां गोसेवा के साथ सीएनजी निर्माण, कम्पोस्ट और नेचुरल फार्मिंग का काम होगा। यह “वेस्ट टू वेल्थ” का उदाहरण बनेगा। साथ ही इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर ट्रैफिक, स्वच्छता और सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद कर रहा है।
स्मार्ट सिटी मिशन के तहत बन रही सड़कों को लेकर भी मुख्यमंत्री ने जानकारी दी। उन्होंने कहा कि नई सड़कों में यूटिलिटी डक्ट, पार्किंग, फुटपाथ और स्ट्रीट लाइट जैसी सुविधाएं दी जा रही हैं ताकि बार-बार सड़क न खोदनी पड़े। उन्होंने कहा कि सीएम ग्रिड योजना की सड़कें आने वाले समय में देश के लिए मॉडल बनेंगी।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने बिजली संकट और ऊर्जा बचत पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि वैश्विक परिस्थितियों और ईंधन संकट का असर भारत पर भी पड़ रहा है। ऐसे समय में लोगों को जरूरत के मुताबिक ही बिजली इस्तेमाल करनी चाहिए। उन्होंने अनावश्यक लाइट और एसी बंद रखने की अपील की।
सीएम योगी ने कहा कि वर्ष 2017 के मुकाबले आज प्रदेश में बिजली आपूर्ति और उत्पादन दोनों में बड़ा सुधार हुआ है। पहले जहां पीक डिमांड 15-16 हजार मेगावॉट थी, वहीं अब यह बढ़कर 32-33 हजार मेगावॉट तक पहुंच गई है।
कार्यक्रम में जिला प्रभारी एवं वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना, नगर विकास मंत्री अरविंद कुमार शर्मा और लखनऊ की महापौर सुषमा खर्कवाल परिवहन राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार दयाशंकर सिंह ने भी संबोधन किया।
Author: VINAY PRAKASH SINGH
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