अयोध्या, 02जून(चौथा प्रहरी)। रामपथ के एक बड़े हिस्से को ‘नो वेंडिंग जोन’ बनाने का फैसला लिया गया है। नगर निगम की कार्यकारिणी बैठक में तय किया गया कि पोस्ट ऑफिस से श्रीरामजन्मभूमि और रामजन्मभूमि से अयोध्या रेलवे स्टेशन तक पटरी पर दुकानें नहीं लगेंगी। इससे पहले यहां कारोबार कर रहे लोगों का सर्वे कराया जाएगा। यह निर्णय महापौर महंत गिरीशपति त्रिपाठी की अध्यक्षता में हुई बैठक में लिया गया, जिसमें नगर आयुक्त जयेंद्र कुमार भी मौजूद रहे।

बैठक में शहर के विकास, सफाई व्यवस्था और यातायात को बेहतर बनाने से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। रामपथ पर अव्यवस्थित वेंडिंग को नियंत्रित करने के साथ ही धर्मपथ, सूर्यकुंड और कुछ अन्य स्थानों पर नए वेंडिंग जोन विकसित करने का फैसला किया गया। इससे सड़क किनारे व्यापार करने वालों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध कराई जा सकेगी।
कार्यकारिणी ने नाका स्थित आबकारी भवन के सामने हनुमान मंदिर के पास संचालित मांस की दुकान को हटाने का निर्देश भी दिया। इसके अलावा नगर निगम की दुकानों के किराए का पुनर्मूल्यांकन कराने और 50 नई दुकानों के निर्माण के लिए भारत सरकार को प्रस्ताव भेजने का निर्णय लिया गया। लता चौक के पास 15 नई दुकानों के निर्माण की योजना को भी मंजूरी मिली। निर्माण कार्यों की टेंडर प्रक्रिया में लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के नियम लागू करने का फैसला किया गया है।
बैठक में सफाई व्यवस्था पर भी विशेष चर्चा हुई। हाल ही में आयोजित ‘एक रविवार, हर परिवार, करे गंदगी पर वार’ अभियान की सफलता पर कार्यकारिणी ने महापौर और नगर निगम की टीम को बधाई दी। सफाई कर्मियों की अनियमितता दूर करने के लिए कार्य व्यवस्था को फिर से निर्धारित करने का निर्णय लिया गया।
नगर निगम ने डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण और निस्तारण व्यवस्था को और प्रभावी बनाने पर जोर दिया। बताया गया कि शहर में छह एमआरएफ सेंटर पहले से संचालित हैं। पिरखौली में बने एमआरएफ सेंटर को भी शुरू करने का प्रस्ताव पास किया गया। सफाई कार्य से जुड़ी संस्थाओं के बिल भुगतान में लापरवाही करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई का निर्णय लिया गया। साथ ही डोर-टू-डोर कूड़ा उठाने वाली एक संस्था के कार्यों को असंतोषजनक मानते हुए उसके खिलाफ भी कार्रवाई का फैसला किया गया।
बैठक में नगर निगम को विस्तारित क्षेत्र में प्राप्त जमीनों की पैमाइश कराकर बैरिकेडिंग करने का निर्णय लिया गया। नवीन परती, बंजर, ग्राम समाज और अन्य प्रकार की भूमि को चिन्हित कर उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी।
शहर में हरियाली बढ़ाने के लिए भी नई योजना तैयार की गई है। इसके तहत अलग-अलग आकार की जमीनों को तीन श्रेणियों में बांटकर मियावाकी पद्धति से सघन वृक्षारोपण किया जाएगा। इसके अलावा तालाबों के जीर्णोद्धार की योजना बनाने पर भी सहमति बनी।
नगर निगम के इन फैसलों का असर आने वाले समय में शहर की यातायात व्यवस्था, सफाई व्यवस्था और सौंदर्यीकरण पर दिखाई दे सकता है। राम मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं को अधिक व्यवस्थित माहौल मिलने की उम्मीद है। वहीं, नए वेंडिंग जोन और विकास योजनाओं से शहर के बुनियादी ढांचे को भी मजबूती मिलने की संभावना है।
Author: VINAY PRAKASH SINGH
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