(विनय प्रकाश सिंह)
लखनऊ,9 जून(चौथा प्रहरी)। उत्तर प्रदेश के गांवों तक हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड इंटरनेट पहुंचाने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को ‘प्रोजेक्ट गंगा’ का शुभारंभ किया। इस परियोजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल कनेक्टिविटी बढ़ाना, युवाओं को रोजगार के अवसर देना और डिजिटल सेवाओं को गांव-गांव तक पहुंचाना है। पहले चरण में यह परियोजना प्रदेश के 21 जिलों में शुरू की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के समय में तेज इंटरनेट एक बुनियादी जरूरत बन चुका है। उन्होंने कहा कि इंटरनेट की गति जितनी बेहतर होगी, विकास की रफ्तार भी उतनी ही तेज होगी। उनके अनुसार, प्रोजेक्ट गंगा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के डिजिटल इंडिया विजन को मजबूत करने वाला महत्वपूर्ण कदम है।
परियोजना के तहत प्रदेश में डिजिटल सेवा प्रदाताओं (डीएसपी) का बड़ा नेटवर्क तैयार किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य करीब 20 लाख परिवारों तक हाई-स्पीड इंटरनेट पहुंचाने का है। इसके साथ ही 8 से 10 हजार डिजिटल सेवा प्रदाता तैयार किए जाएंगे और प्रत्यक्ष तथा अप्रत्यक्ष रूप से एक लाख से अधिक रोजगार के अवसर पैदा होंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस तरह गंगा नदी अपने रास्ते में आने वाले क्षेत्रों के विकास का आधार रही है, उसी तरह प्रोजेक्ट गंगा भी उत्तर प्रदेश की डिजिटल समृद्धि का आधार बनेगा। उन्होंने कहा कि यह पहल गांवों तक तकनीक पहुंचाकर सामाजिक और आर्थिक बदलाव की नई संभावनाएं पैदा करेगी।
उन्होंने बताया कि आने वाले समय में इस परियोजना का विस्तार प्रदेश की सभी 57 हजार ग्राम पंचायतों और लगभग 8 हजार न्याय पंचायतों तक किया जाएगा। इससे गांवों में लास्ट माइल डिजिटल कनेक्टिविटी सुनिश्चित होगी और स्मार्ट विलेज की अवधारणा को मजबूती मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार केवल इंटरनेट सुविधा उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि युवाओं को डिजिटल अर्थव्यवस्था से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाना चाहती है। उन्होंने बताया कि चयनित युवा डिजिटल सेवा प्रदाता के रूप में अपना व्यवसाय स्थापित कर सकेंगे। इसके लिए राज्य सरकार की ‘सीएम युवा’ योजना के तहत 5 लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त ऋण भी उपलब्ध है।
कार्यक्रम में वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने कहा कि तकनीक तक पहुंच सामाजिक और आर्थिक बदलाव का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने विश्वास जताया कि प्रोजेक्ट गंगा डिजिटल सेवाओं को गांव-गांव तक पहुंचाकर विकास को नई गति देगा।
सूचना प्रौद्योगिकी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स मंत्री सुनील कुमार शर्मा ने कहा कि यह परियोजना उत्तर प्रदेश के डिजिटल भविष्य की मजबूत नींव साबित होगी। इससे युवाओं, किसानों, विद्यार्थियों और उद्यमियों के लिए नए अवसर पैदा होंगे।
इस परियोजना में Hinduja Group की ब्रॉडबैंड इकाई वनओटीटी इंटरटेनमेंट लिमिटेड नॉलेज पार्टनर और इम्प्लीमेंटेशन एनैबलर के रूप में सहयोग करेगी। समूह की ओर से कहा गया कि परियोजना में महिलाओं की भागीदारी को भी प्राथमिकता दी जाएगी और लाभार्थियों में लगभग 50 प्रतिशत महिलाएं होंगी।
स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन के चेयरमैन मनोज कुमार सिंह ने गंगा प्रोजेक्ट के संबंध में ताज होटल में पत्रकारों से मुखातिब होते हुए मंगलवार को प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि प्रोजेक्ट गंगा केवल इंटरनेट पहुंचाने की योजना नहीं है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल उद्यमिता विकसित करने का मॉडल भी है। इसके तहत स्थानीय युवाओं को प्रशिक्षित कर डिजिटल सेवा प्रदाता बनाया जाएगा, जो अपने क्षेत्रों में ब्रॉडबैंड नेटवर्क स्थापित कर डिजिटल सेवाएं उपलब्ध कराएंगे। युवा मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के तहत ऋण भी उपलब्ध कराए जाएंगे। करीब 5.30 लाख का लोन स्वीकृत होगा। ₹50000 की मार्जिन मनी की व्यवस्था युवा द्वारा करना होगा।कर्ज अदा करने के बाद मार्जिन मनी युवा को वापस कर दी जाएगी। कर्ज ब्याज मुक्त होगा।
जानकारों का मानना है कि परियोजना के विस्तार के साथ डिजिटल शिक्षा, टेलीमेडिसिन, ऑनलाइन प्रशिक्षण, ई-गवर्नेंस, सार्वजनिक वाई-फाई, स्मार्ट कृषि और आईटी आधारित रोजगार को बढ़ावा मिलेगा। इससे ग्रामीण उत्तर प्रदेश की डिजिटल पहुंच मजबूत होगी और गांवों को डिजिटल अर्थव्यवस्था से जोड़ने में मदद मिलेगी।
Author: VINAY PRAKASH SINGH
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