वाराणसी,13जून(चौथा प्रहरी)।काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (बीएचयू) परिसर में निर्माणाधीन नेशनल सेंटर फॉर एजिंग का मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को स्थलीय निरीक्षण किया। करीब 150 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा यह 200 बेड का अत्याधुनिक चिकित्सा केंद्र बुजुर्गों के इलाज के लिए समर्पित होगा। मुख्यमंत्री ने निर्माण कार्य की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को तय समय सीमा के भीतर काम पूरा करने और गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश दिए।

सात मंजिला यह भवन देश का तीसरा और उत्तर भारत का प्रमुख जरा चिकित्सा केंद्र बनने जा रहा है। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि निर्माण कार्य में किसी भी स्तर पर गुणवत्ता से समझौता नहीं होना चाहिए। उन्होंने कार्यदायी संस्था और बीएचयू प्रशासन को नियमित निगरानी करने तथा सभी कार्य निर्धारित मानकों के अनुसार पूरा कराने के निर्देश दिए।
नेशनल सेंटर फॉर एजिंग में बुजुर्गों के लिए विशेष चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध होंगी। यहां मल्टी-स्पेशियलिटी जेरिएट्रिक ओपीडी संचालित की जाएगी। इसके अलावा मेमोरी क्लीनिक, गठिया क्लीनिक और वृद्धावस्था से जुड़ी अन्य बीमारियों के इलाज के लिए विशेषज्ञ सेवाएं दी जाएंगी।
केंद्र में मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर, अत्याधुनिक रेडियोलॉजी और जांच सुविधाएं, पुनर्वास सेवाएं, डे-केयर सेंटर, आईसीयू और प्राइवेट वार्ड भी बनाए जा रहे हैं। इससे बुजुर्ग मरीजों को एक ही स्थान पर बेहतर और आधुनिक स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी।
यह संस्थान केवल इलाज तक सीमित नहीं रहेगा। यहां डॉक्टरों और नर्सों को जरा चिकित्सा के क्षेत्र में विशेष प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। एमडी जेरिएट्रिक मेडिसिन की सीटों में वृद्धि की जाएगी और शोध कार्यों को भी बढ़ावा मिलेगा। वृद्धावस्था से जुड़ी बीमारियों पर अध्ययन, नई उपचार पद्धतियों के विकास और चिकित्सा दिशानिर्देश तैयार करने का काम भी यहां किया जाएगा।
केंद्र के शुरू होने के बाद पूर्वांचल समेत उत्तर भारत के लाखों बुजुर्ग मरीजों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। उन्हें बेहतर इलाज के लिए दूसरे शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा और विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध हो सकेंगी।
Author: VINAY PRAKASH SINGH
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