देवरिया, 26 जून(चौथा प्रहरी)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रीराम मंदिर तीर्थ क्षेत्र दान प्रकरण में पहली एफआईआर दर्ज होने के बाद कहा कि जन आस्था के साथ किसी भी तरह का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि एसआईटी की रिपोर्ट मिलते ही सरकार ने कार्रवाई शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री ने दोहराया कि सरकार पहले ही साफ कर चुकी थी कि मामले में “दूध का दूध और पानी का पानी” किया जाएगा और जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई होगी।

देवरिया में विकास परियोजनाओं के शिलान्यास और लोकार्पण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने 19 जून को अयोध्या दौरे के दौरान भी स्पष्ट कहा था कि अयोध्या पूरे देश की आस्था और सनातन परंपरा का प्रतीक है। उन्होंने रामभक्तों से अपील की कि अयोध्या पर बिना तथ्य के आक्षेप न लगाएं और भगवान श्रीराम की मर्यादा का पालन करें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जैसे ही एसआईटी की रिपोर्ट आई, सरकार ने कार्रवाई शुरू कर दी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जन आस्था के साथ खिलवाड़ करने वालों को किसी भी हालत में छूट नहीं मिलेगी।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने विपक्षी दलों कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कुछ लोग पहले भगवान श्रीराम के अस्तित्व पर सवाल उठाते रहे और श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन तथा मंदिर निर्माण का विरोध करते रहे। ऐसे लोग अब आस्था की बात कर रहे हैं, जबकि उनका पिछला रुख सबके सामने है।
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक दल अयोध्या को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर किसी के पास कोई ठोस प्रमाण है तो उसे एसआईटी के सामने प्रस्तुत करना चाहिए। केवल राजनीतिक बयानबाजी से किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा जा सकता।
उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा शुरू से ही स्पष्ट रही है। वरिष्ठ अधिकारियों की टीम मामले की जांच कर रही है और एसआईटी की सिफारिशों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है। इसलिए जांच पूरी होने तक अनावश्यक आरोप-प्रत्यारोप से बचना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने रामभक्तों से संयम बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि सरकार निष्पक्ष जांच के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि कानून अपना काम करेगा और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
भविष्य का प्रभाव-श्रीराम मंदिर तीर्थ क्षेत्र दान प्रकरण में दर्ज पहली एफआईआर के बाद जांच अब आगे बढ़ेगी। एसआईटी की रिपोर्ट के आधार पर आगे और कार्रवाई संभव है। इस मामले पर सरकार और विपक्ष के बीच राजनीतिक बहस भी तेज रहने की संभावना है, जबकि जांच के निष्कर्षों पर सभी की नजर रहेगी।
Author: VINAY PRAKASH SINGH
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