Breaking News
चौथा प्रहरी: यूपी में स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगी नई ताकत, एआई सक्षम एक्स-रे, एमआरआई और डिजिटल मैमोग्राफी मशीनें लगेंगी चौथा प्रहरी न्यूज: 1 जुलाई से शुरू होगा यूपी का वन महोत्सव, घर-घर पहुंचेंगे आम के पौधे चौथा प्रहरी न्यूज : UPTET 2026: 20 लाख अभ्यर्थियों के लिए कड़े इंतजाम, मुख्यमंत्री योगी ने कहा- परीक्षा निष्पक्ष और तनावमुक्त हो चौथा प्रहरी न्यूज: रायबरेली अस्पताल में मरीज से अभद्रता पर बड़ी कार्रवाई, डिप्टी सीएम के निर्देश पर स्वीपर निलंबित चौथा प्रहरी: 1 जुलाई से स्कूल वाहनों पर सख्त निगरानी, बिना फिटनेस और परमिट वाले वाहनों पर होगी कार्रवाई यूपी में अब पेपर RC नहीं, चिप और QR कोड वाली स्मार्ट कार्ड RC मिलेगी; 1 अगस्त से नई व्यवस्था लागू
15 Best News Portal Development Company In India

चौथा प्रहरी: यूपी में स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगी नई ताकत, एआई सक्षम एक्स-रे, एमआरआई और डिजिटल मैमोग्राफी मशीनें लगेंगी

SHARE:

उत्तर प्रदेश के सरकारी अस्पताल में एआई सक्षम पोर्टेबल एक्स-रे, एमआरआई और डिजिटल मैमोग्राफी मशीनों की सांकेतिक तस्वीर उत्तर प्रदेश के सरकारी अस्पताल में एआई सक्षम पोर्टेबल एक्स-रे, एमआरआई और डिजिटल मैमोग्राफी मशीनों की AI generated image

लखनऊ,01जुलाई(चौथा प्रहरी)। उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाने की दिशा में योगी सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। प्रदेश सरकार और भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के बीच प्रधानमंत्री निधि के तहत एक समझौता (एमओयू) हुआ है। इसके तहत प्रदेश में एआई सक्षम पोर्टेबल हैंडहेल्ड एक्स-रे मशीन, 1.5 टेस्ला एमआरआई और डिजिटल मैमोग्राफी टोमोसिंथेसिस (डीबीटी) मशीनें उपलब्ध कराई जाएंगी। इस योजना का सबसे बड़ा फायदा ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों के लोगों को मिलेगा, जहां आधुनिक जांच सुविधाएं अभी सीमित हैं।यह समझौता जून 2026 से मार्च 2036 तक लागू रहेगा।

उत्तर प्रदेश के सरकारी अस्पताल में एआई सक्षम पोर्टेबल एक्स-रे, एमआरआई और डिजिटल मैमोग्राफी मशीनों की सांकेतिक तस्वीर
उत्तर प्रदेश के सरकारी अस्पताल में एआई सक्षम पोर्टेबल एक्स-रे, एमआरआई और डिजिटल मैमोग्राफी मशीनों की AI generated image

सरकार का लक्ष्य है कि लोगों को उनके नजदीक ही आधुनिक और निःशुल्क डायग्नोस्टिक सेवाएं मिलें ताकि गंभीर बीमारियों की समय रहते पहचान हो सके और इलाज में देरी न हो।

एआई तकनीक से जल्दी होगी बीमारी की पहचान
अपर मुख्य सचिव, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अमित कुमार घोष ने बताया कि नई मशीनों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित तकनीक का इस्तेमाल होगा। इससे कैंसर, टीबी, हृदय रोग और अन्य गैर-संचारी बीमारियों की शुरुआती चरण में अधिक सटीक जांच संभव होगी।
उन्होंने कहा कि समय पर बीमारी का पता चलने से इलाज बेहतर होगा और गंभीर मामलों में मृत्यु दर कम करने में भी मदद मिलेगी।
गांवों और दूरस्थ क्षेत्रों को मिलेगा सबसे ज्यादा लाभ
इस योजना का मुख्य उद्देश्य उन क्षेत्रों तक आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाना है जहां अब तक उन्नत रेडियोलॉजी और इमेजिंग सेवाएं उपलब्ध नहीं थीं। इससे मरीजों को जांच के लिए बड़े शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा। समय और खर्च दोनों की बचत होगी।
सरकार का मानना है कि इससे प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं की क्षेत्रीय असमानता भी कम होगी और अधिक लोगों को गुणवत्तापूर्ण इलाज का लाभ मिलेगा।
केंद्र और राज्य की तय हुई जिम्मेदारी
एमओयू के अनुसार मशीनों की खरीद, आपूर्ति, स्थापना, कमीशनिंग और शुरुआती रखरखाव की जिम्मेदारी भारत सरकार की होगी।
वहीं उत्तर प्रदेश सरकार अस्पतालों में जरूरी आधारभूत सुविधाएं तैयार करेगी। प्रशिक्षित स्टाफ की व्यवस्था करेगी और मशीनों के नियमित संचालन व रखरखाव की जिम्मेदारी संभालेगी। इससे परियोजना को तय समय में लागू करने में मदद मिलेगी।
रीयल टाइम आईटी पोर्टल से होगी निगरानी
सभी मशीनों की निगरानी के लिए एक आधुनिक रीयल टाइम आईटी पोर्टल भी विकसित किया जाएगा। इसके जरिए हर मशीन की स्थिति, उपयोग, जांच कराने वाले मरीजों की संख्या और प्रदर्शन की लगातार मॉनिटरिंग होगी।
इससे स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता बढ़ेगी और जरूरत पड़ने पर तुरंत सुधारात्मक कदम उठाए जा सकेंगे।
नौ साल तक रखरखाव की व्यवस्था
योजना के तहत सभी मशीनों पर एक साल की वारंटी के बाद अगले नौ वर्षों तक व्यापक वार्षिक अनुरक्षण (मेंटेनेंस) की व्यवस्था की गई है। इससे मशीनें लंबे समय तक सुचारु रूप से काम करती रहेंगी और मरीजों को जांच सेवाएं बिना रुकावट मिलती रहेंगी।
भविष्य पर असर
यह पहल उत्तर प्रदेश की सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था को तकनीक के साथ जोड़ने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है। अगर योजना तय समय पर लागू होती है तो ग्रामीण क्षेत्रों में जांच सुविधाएं मजबूत होंगी, गंभीर बीमारियों का जल्द पता चलेगा और मरीजों को इलाज के लिए बड़े शहरों पर कम निर्भर रहना पड़ेगा। इससे प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और पहुंच दोनों में सुधार आने की उम्मीद है।

VINAY PRAKASH SINGH
Author: VINAY PRAKASH SINGH

Registration NO. UDYAM -UP-24-0043854

best news portal development company in india
सबसे ज्यादा पड़ गई