लखनऊ,02जुलाई(चौथा प्रहरी)। स्कूली बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लखनऊ मंडल में 7 जुलाई से 15 जुलाई 2026 तक स्कूली वाहनों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान जिन स्कूल बसों और अन्य स्कूली वाहनों की फिटनेस या परमिट की वैधता समाप्त हो चुकी होगी, उनके खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी। यह अभियान परिवहन आयुक्त, उत्तर प्रदेश के 29 जून 2026 के निर्देश पर “मिशन सेफ फ्यूचर” के तहत चलाया जा रहा है।

संभागीय परिवहन अधिकारी, लखनऊ अरुण कुमार के अनुसार अभियान का मकसद स्कूली बच्चों की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करना और सभी स्कूली वाहनों को वैध फिटनेस व परमिट के साथ सड़क पर संचालित कराना है।
यह विशेष अभियान लखनऊ मंडल के लखनऊ, उन्नाव, रायबरेली, सीतापुर, हरदोई और लखीमपुर जिलों में एक साथ चलाया जाएगा। प्रवर्तन टीम स्कूल बसों और अन्य स्कूली वाहनों की जांच करेगी। जिन वाहनों के दस्तावेज पूरे नहीं होंगे, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
परिवहन विभाग ने वाहन मालिकों से कहा है कि यदि किसी स्कूली वाहन की फिटनेस या परमिट का नवीनीकरण बाकी है तो उसे तुरंत पूरा करा लें। समय पर नवीनीकरण नहीं कराने पर वाहन सीज करने समेत अन्य कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
विभाग ने सभी स्कूलों के प्रधानाचार्यों और प्रबंधन से भी अपील की है कि वे केवल उन्हीं वाहनों का संचालन होने दें जिनके पास वैध फिटनेस, परमिट और जरूरी दस्तावेज मौजूद हों। साथ ही वाहन संचालकों को समय पर दस्तावेजों का नवीनीकरण कराने के निर्देश दिए जाएं।
अभिभावकों से भी अनुरोध किया गया है कि वे अपने बच्चों को केवल उन्हीं स्कूली वाहनों से स्कूल भेजें जिनके सभी जरूरी दस्तावेज वैध हों। इससे बच्चों की यात्रा सुरक्षित रहेगी और किसी भी तरह की परेशानी से बचा जा सकेगा।
परिवहन विभाग का कहना है कि इस अभियान का उद्देश्य सिर्फ कार्रवाई करना नहीं है, बल्कि स्कूल जाने वाले बच्चों के लिए सुरक्षित परिवहन व्यवस्था सुनिश्चित करना है। विभाग को उम्मीद है कि अभियान पूरा होने के बाद लखनऊ मंडल में अधिकतर स्कूली वाहन तय सुरक्षा मानकों के अनुरूप संचालित होंगे।
Author: VINAY PRAKASH SINGH
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