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यूपी न्यूज:श्रीकृष्ण जन्मभूमि मामले में हाई कोर्ट सख्त, मथुरा प्रशासन से 25 अगस्त से पहले सीलबंद रिपोर्ट मांगी

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इलाहाबाद हाई कोर्ट में श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह विवाद की सुनवाई से जुड़ी सुप्रीम कोर्ट की एडवोकेट रीना एन सिंह की तस्वीर

विवादित परिसर में किसी भी कार्यक्रम से कानून-व्यवस्था बिगड़ने की आशंका जताई गई। कोर्ट ने प्रशासन से स्थिति स्पष्ट करने को कहा

प्रयागराज/मथुरा।17 जुलाई(चौथा प्रहरी)। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह विवाद से जुड़े एक नए आवेदन पर सुनवाई करते हुए मथुरा के जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से सीलबंद रिपोर्ट मांगी है। अदालत ने यह रिपोर्ट अगली सुनवाई से पहले दाखिल करने का निर्देश दिया है। मामला विवादित परिसर में प्रस्तावित गतिविधियों और संभावित कानून-व्यवस्था से जुड़ी चिंताओं से संबंधित है।

इलाहाबाद हाई कोर्ट में श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह विवाद की सुनवाई से जुड़ी सुप्रीम कोर्ट की एडवोकेट रीना एन सिंह की तस्वीर
फोटो सुप्रीम कोर्ट एडवोकेट रीना एन सिंह

याचिका श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति निर्माण ट्रस्ट के अध्यक्ष आशुतोष ब्रह्मचारी (आशुतोष महाराज) की ओर से दायर की गई। उनकी ओर से अधिवक्ता रीना एन. सिंह ने अदालत में पक्ष रखा। आवेदन में मांग की गई कि विवादित स्थल पर किसी भी व्यक्ति या संगठन को बैठक, कार सेवा या अन्य सार्वजनिक कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति न दी जाए, ताकि शांति व्यवस्था प्रभावित न हो।
सुनवाई के दौरान एकलपीठ ने आवेदन को रिकॉर्ड पर लिया और अन्य पक्षों से जवाब मांगा। अदालत ने जिला प्रशासन को निर्देश दिया कि क्षेत्र की स्थिति और सुरक्षा व्यवस्था पर विस्तृत रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में पेश की जाए। मामले की अगली सुनवाई 25 अगस्त 2026 को होगी।
सुनवाई के दौरान यह भी बताया गया कि सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप विवाद के समाधान के लिए मध्यस्थता की प्रक्रिया प्रस्तावित है। इसी क्रम में 21 से 23 अगस्त के बीच एक “समाधान समारोह” प्रस्तावित होने की जानकारी भी अदालत को दी गई।
यह मामला पहले से इलाहाबाद हाई कोर्ट में लंबित 18 दीवानी वादों का हिस्सा है। इन मामलों में विवादित 13.37 एकड़ परिसर पर अधिकार, 1968 के समझौते की वैधता, पूजा के अधिकार और अन्य कानूनी मांगों पर सुनवाई चल रही है।
अधिवक्ता रीना एन. सिंह ने सुनवाई के बाद कहा कि कुछ लोग बिना किसी कानूनी पक्षकार की भूमिका के विवाद का माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हिंदू पक्ष को न्यायालय की प्रक्रिया पर पूरा भरोसा है और कानून के दायरे में ही समाधान की उम्मीद है। यह पक्ष अधिवक्ता की ओर से दिया गया बयान है।
आगे क्या?
अब इस मामले में 25 अगस्त की सुनवाई अहम रहेगी। अदालत प्रशासन की सीलबंद रिपोर्ट, संबंधित पक्षों की आपत्तियों और आगे की कानूनी प्रक्रिया पर विचार करेगी। यदि अदालत आवश्यक समझती है तो कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त निर्देश भी जारी कर सकती है।

 

VINAY PRAKASH SINGH
Author: VINAY PRAKASH SINGH

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