ऑनलाइन होगा ट्रेनिंग पार्टनर पंजीकरण, युवाओं को जिलेवार ट्रेनिंग सेंटर और कोर्स की जानकारी एक ही प्लेटफॉर्म पर मिलेगी
लखनऊ,15जुलाई(चौथा प्रहरी)।उत्तर प्रदेश सरकार ने कौशल विकास व्यवस्था को पूरी तरह डिजिटल बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। विश्व युवा कौशल दिवस के अवसर पर लखनऊ में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने ‘कौशल सेतु’ और ‘कौशल सारथी’ पोर्टल का शुभारंभ किया। इन दोनों प्लेटफॉर्म का उद्देश्य प्रशिक्षण प्रक्रिया को आसान, पारदर्शी और युवाओं के लिए अधिक सुलभ बनाना है।

ट्रेनिंग पार्टनर के लिए आसान होगी प्रक्रिया-कौशल सेतु’ पोर्टल के जरिए प्रशिक्षण संस्थानों का पंजीकरण और मान्यता की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी। आवेदन से लेकर दस्तावेज अपलोड और जरूरी औपचारिकताएं एक ही प्लेटफॉर्म पर पूरी की जा सकेंगी। इससे कागजी प्रक्रिया कम होगी और समय की बचत भी होगी।
युवाओं को एक क्लिक पर मिलेगी जानकारी-कौशल सारथी’ पोर्टल युवाओं के लिए तैयार किया गया है। इसमें जिलेवार ट्रेनिंग सेंटर, उपलब्ध कोर्स, ट्रेनिंग पार्टनर, लोकेशन और संपर्क विवरण जैसी जानकारी मिलेगी। डिजिटल मैप की मदद से युवा अपने नजदीकी प्रशिक्षण केंद्र का चयन आसानी से कर सकेंगे।
उद्योगों के साथ बढ़ेगा जुड़ाव-कार्यक्रम के दौरान उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन ने केएलके प्राइवेट लिमिटेड और विनसम टेक्सटाइल इंडस्ट्रीज लिमिटेड के साथ समझौता किया। इसके तहत रोबोटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और टेक्सटाइल जैसे उभरते क्षेत्रों में युवाओं को प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की योजना है।
कॉफी टेबल बुक का भी विमोचन-समारोह में कौशल विकास मिशन की उपलब्धियों और बदलावों पर आधारित कॉफी टेबल बुक ‘स्किलिंग द फ्यूचर उत्तर प्रदेश: जर्नी फ्रॉम ट्रेनिंग टू ट्रांसफॉर्मेशन’ का भी विमोचन किया गया।
आगे क्या असर होगा-यदि दोनों पोर्टल प्रभावी ढंग से संचालित हुए तो प्रशिक्षण संस्थानों की प्रक्रिया तेज होगी और युवाओं को अपने जिले में उपलब्ध कौशल प्रशिक्षण की जानकारी आसानी से मिलेगी। उद्योगों के साथ बढ़ता सहयोग रोजगार आधारित प्रशिक्षण को भी मजबूती दे सकता है।
Author: VINAY PRAKASH SINGH
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