लखनऊ,24जुलाई(चौथा प्रहरी)। समाजवादी पार्टी ने 26 जुलाई को पूरे उत्तर प्रदेश और देशभर में ‘संविधान-मानस्तंभ स्थापना दिवस’ मनाने का फैसला किया है। पार्टी इस दिन को आरक्षण की ऐतिहासिक शुरुआत से जोड़ते हुए संविधान और सामाजिक न्याय के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराएगी। पार्टी कार्यालयों में संविधान की प्रति के साथ सादगीपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

सपा का कहना है कि 26 जुलाई का दिन भारतीय सामाजिक न्याय के इतिहास में खास महत्व रखता है। पार्टी के अनुसार, इसी तारीख को कोल्हापुर रियासत के शासक राजर्षि छत्रपति शाहूजी महाराज ने आरक्षण व्यवस्था लागू कर सामाजिक बराबरी की दिशा में बड़ा कदम उठाया था। सपा इसे देश में सामाजिक न्याय की सोच को व्यवहार में उतारने की शुरुआत मानती है।
पार्टी का मानना है कि बाद के वर्षों में डॉ. भीमराव आंबेडकर ने इसी विचार को संवैधानिक आधार दिलाया। संविधान में समान अवसर और सामाजिक न्याय के प्रावधानों ने वंचित वर्गों के अधिकारों को कानूनी सुरक्षा दी। इसी कारण सपा 26 जुलाई को केवल ‘आरक्षण दिवस’ ही नहीं, बल्कि ‘संविधान-मानस्तंभ स्थापना दिवस’ के रूप में भी मना रही है।
इस अवसर पर प्रदेश और जिला स्तर के पार्टी कार्यालयों में संविधान की प्रति के समक्ष कार्यक्रम होंगे। इनमें संविधान के मूल्यों, सामाजिक न्याय और समान अवसर के महत्व पर चर्चा की जाएगी। पार्टी कार्यकर्ताओं को संविधान की रक्षा और सामाजिक बराबरी के संदेश को समाज तक पहुंचाने का आह्वान भी किया जाएगा।
सपा ने अपने संदेश में कहा है कि संविधान ही देश के लोकतांत्रिक ढांचे की सबसे बड़ी ताकत है। पार्टी का कहना है कि समानता, न्याय और आरक्षण जैसे अधिकार संविधान से ही सुरक्षित हैं। इसलिए संविधान की रक्षा को सामाजिक न्याय की रक्षा से जोड़कर देखा जाना चाहिए।
आगे क्या?
26 जुलाई के कार्यक्रम के जरिए समाजवादी पार्टी सामाजिक न्याय, आरक्षण और संविधान के मुद्दों को राजनीतिक और सामाजिक विमर्श के केंद्र में रखने की कोशिश करेगी। माना जा रहा है कि आने वाले समय में पार्टी इन विषयों पर जनसंपर्क अभियान और संवाद कार्यक्रम भी तेज कर सकती है।
Author: VINAY PRAKASH SINGH
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