लखनऊ,27सितंबर । विश्व हिंदू परिषद के पूर्व अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक सिंघल की जन्मशताब्दी वर्ष का उत्तर प्रदेश में रविवार को लखनऊ से शुभारंभ हुआ। गोमतीनगर विस्तार स्थित सीएमएस सभागार में आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मुख्य वक्ता रहे। उन्होंनअशोक सिंघल के रामजन्मभूमि आंदोलन में योगदान को याद किया और कांग्रेस तथा समाजवादी पार्टी पर तीखे राजनीतिक आरोप लगाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राम मंदिर के शिलान्यास और रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा के कार्यक्रम में आमंत्रण के बावजूद कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के नेता नहीं पहुंचे। उनके अनुसार इसके पीछे राजनीतिक कारण और वोटबैंक की चिंता थी। योगी ने हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं को यह कहते हुए सावधान किया कि रामकाज के बीच ऐसे लोग भी आ सकते हैं जो बाहर से साथ दिखें, लेकिन उनका उद्देश्य अलग हो।
अशोक सिंघल को रामजन्मभूमि आंदोलन का प्रमुख चेहरा बताया
योगी आदित्यनाथ ने अशोक सिंघल के जीवन को रामजन्मभूमि आंदोलन से जोड़ते हुए कहा कि उन्होंने अपना पूरा जीवन इस अभियान को आगे बढ़ाने में लगाया। उन्होंने कहा कि सिंघल ने संतों और हिंदू समाज को एक मंच पर लाने में बड़ी भूमिका निभाई।
मुख्यमंत्री ने 1980 के दशक से शुरू हुए आंदोलन के दौर का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय राम मंदिर का मुद्दा देश के बड़े हिस्से में आंदोलन का विषय बना। उनके मुताबिक अशोक सिंघल लगातार संगठन, संत समाज और कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय करते रहे।
अशोक सिंघल का जन्म 27 सितंबर 1926 को आगरा में हुआ था। वह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े और बाद में विश्व हिंदू परिषद के प्रमुख चेहरों में शामिल हुए। रामजन्मभूमि आंदोलन में उनकी भूमिका के कारण उन्हें आंदोलन के प्रमुख नेताओं में गिना जाता है।
अयोध्या के बदलाव को लेकर गिनाईं उपलब्धियां
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में अयोध्या में हुए बदलाव का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि राम मंदिर आंदोलन के लंबे संघर्ष के बाद अब अयोध्या में रामपथ, धर्मपथ, भक्ति पथ और जन्मभूमि पथ जैसी परियोजनाएं दिखाई देती हैं। अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे और दूसरी सुविधाओं का भी उन्होंने उल्लेख किया।
राम की पैड़ी को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले यहां पानी की समस्या रहती थी, जबकि अब बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के स्नान की व्यवस्था विकसित की गई है। उन्होंने अयोध्या को सौर ऊर्जा आधारित शहर के रूप में विकसित किए जाने की बात भी कही।
गोसेवा को भी सिंघल के विचारों से जोड़ा
योगी आदित्यनाथ ने गोसंरक्षण को अशोक सिंघल के विचारों से जोड़ते हुए प्रदेश में गोशालाओं और गोवंश संरक्षण की व्यवस्था का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सरकार गोवंश के संरक्षण के लिए आर्थिक सहायता भी दे रही है।
उन्होंने गो को केवल पशु मानने वाले लोगों पर भी तीखी टिप्पणी की। मुख्यमंत्री ने भारतीय नस्ल के गोवंश की सेवा और संरक्षण का आह्वान किया।
जन्मशताब्दी वर्ष में देशभर में होंगे कार्यक्रम
अशोक सिंघल की जन्मशताब्दी के अवसर पर विश्व हिंदू परिषद ने सालभर कार्यक्रम आयोजित करने की योजना बनाई है। संगठन के अनुसार देश और विदेश में विभिन्न स्थानों पर संगोष्ठियां, बैठकें और जनजागरण कार्यक्रम होंगे। 27 सितंबर से 4 अक्टूबर के बीच 47 प्रमुख स्थानों पर कार्यक्रमों की शुरुआत की जा रही है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी रविवार को अशोक सिंघल की जन्मशताब्दी पर उन्हें याद करते हुए उनके रामजन्मभूमि आंदोलन में योगदान का उल्लेख किया। उन्होंने सिंघल के सामाजिक समरसता और भेदभाव के खिलाफ काम को भी रेखांकित किया।
लखनऊ का कार्यक्रम इसी व्यापक जन्मशताब्दी अभियान का उत्तर प्रदेश केंद्र रहा। समारोह में विहिप के केंद्रीय संगठन महामंत्री मिलिंद परांडे, संघ के प्रांत प्रचारक कौशल, स्वतंत्र देव सिंह, महेंद्र सिंह सहित संत समाज और विभिन्न संगठनों से जुड़े लोग मौजूद रहे।
आगे क्या
अशोक सिंघल की जन्मशताब्दी का यह वर्ष केवल स्मृति कार्यक्रमों तक सीमित नहीं रहने वाला है। विहिप ने इसे देशभर में सेवा, सामाजिक समरसता, गोसंरक्षण और जनजागरण से जुड़े कार्यक्रमों के साथ आगे बढ़ाने की योजना बनाई है।
लखनऊ के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का संबोधन यह भी दिखाता है कि अशोक सिंघल की विरासत को रामजन्मभूमि आंदोलन, अयोध्या के विकास और हिंदू संगठनों की सामाजिक गतिविधियों से जोड़कर आगे रखा जा रहा है। आने वाले महीनों में जन्मशताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों का दायरा बढ़ने की संभावना है।
Author: VINAY PRAKASH SINGH
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