अयोध्या, चौथा प्रहरी 2 दिसंबर। रामनगरी अयोध्या की उभरती युवा कलाकार सुश्री रमा वर्मा ने अपने बेहतरीन बांसुरी वादन से प्रदेश भर में अयोध्या का मान बढ़ा दिया है। उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी, लखनऊ द्वारा आयोजित सुषिर वाद्य यंत्र प्रतियोगिता में रमा ने प्रदेश स्तर पर द्वितीय स्थान प्राप्त कर अपनी अद्भुत प्रतिभा का लोहा मनवाया। अनिल सरस्वती विद्या मंदिर, अयोध्या से प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त करने वाली रमा को संगीत की प्रेरणा परिवार से ही मिली। बड़ी बहन सुश्री पूर्णिमा वर्मा को बांसुरी बजाते देख रमा ने भी इस वाद्य को साधना शुरू किया। क्लास नाइंथ से ही उन्होंने पंडित देव प्रसाद पांडे जी एवं गुरु माँ डॉ. कल्पना एस. बर्मन से संगीत की शिक्षा ली। इंटरमीडिएट में 75% अंक हासिल करने के बाद रमा ने लखनऊ स्थित भातखंडे संस्कृत विश्वविद्यालय में बीपीए में प्रवेश लिया और वर्तमान में थर्ड ईयर की छात्रा हैं। बांसुरी की विधिवत शिक्षा वे परम आदरणीय गुरु रविराज शंकर जी से प्राप्त कर रही हैं।उनकी इस चमकदार उपलब्धि से अयोध्या के संगीत जगत में खुशी की लहर है। माता श्रीमती क्षमा वर्मा और पिता श्री शीतला प्रसाद वर्मा—जो कलेक्ट्रेट अयोध्या में वरिष्ठ सहायक के पद पर कार्यरत हैं—अपनी बेटी की इस सफलता पर गर्व से अभिभूत हैं।रमा वर्मा ने साबित कर दिया है कि समर्पण, साधना और सही मार्गदर्शन के साथ नई पीढ़ी भी संगीत की दुनिया में अपनी अलग पहचान बना सकती है। अयोध्या की यह बेटी आज कई युवा कलाकारों के लिए प्रेरणा बन गई है।
Author: VINAY PRAKASH SINGH
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