लखनऊ(चौथा प्रहरी)15दिसंबर। वाहनों के फिटनेस टेस्ट के बाद स्थायी ड्राइविंग लाइसेंस के लिए टेस्टिंग की व्यवस्था भी पहली जनवरी से निजी हाथों में चली जाएगी। आवेदकों को टेस्ट देने के लिए ट्रांसपोर्टनगर स्थित संभागीय परिवहन अधिकारी कार्यालय के सारथी भवन टेस्टिंग ट्रैक की जगह पर बंथरा में तैयार प्राइवेट ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर जाना पड़ेगा। यहां टेस्टिंग का काम निजी एजेंसी करेगी। इसकी रिपोर्ट पर संभागीय परिवहन कार्यालय की अनुमति के उपरांत स्थाई लाइसेंस निर्गत होगा। संभागीय परिवहन अधिकारी कार्यालय के प्रमुख कार्यों में गाड़ियों का रजिस्ट्रेशन, फिटनेस और डीएल जारी करना है। परिवहन विभाग धीरे-धीरे इन सेवाओं को निजी हाथों में सौंप रहा है। करीब एक महीने पहले ट्रांसपोर्टनगर का फिटनेस सेंटर बंद कर बीकेटी में ऑटोमेटिक टेस्टिंग सिस्टम (एटीएस) खोल दिया गया। अब स्थायी ड्राइविंग लाइसेंस के टेस्ट का काम भी प्राइवेट एजेंसी को सौंपा जा रहा है। हालांकि, इसके शुल्क में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है।लर्नर ड्राइविंग लाइसेंस के लिए आवेदन ऑनलाइन होता है।आवेदकों को संभागीय तथा उप संभागीय परिवहन कार्यालय नहीं जाना पड़ता है। लाइसेंस जारी होने के छ: महीने बाद स्थायी डीएल के लिए टेस्ट ट्रांसपोर्टनगर स्थित संभागीय परिवहन अधिकारी कार्यालय में लिया जाता है।बताते है कि नई व्यवस्था में स्थायी लाइसेंस के लिए कहने को टेस्ट बंथरा के प्राइवेट ट्रेनिंग सेंटर में ही होंगे।सूत्र की माने तो शिकायतें मिलती रहती हैं कि संभागीय परिवहन अधिकारी कार्यालय में बगैर टेस्ट लिए ही कई लोगों के डीएल बनाए जाते रहे है। यश प्रश्न यही है कि टेस्ट का सब्जबाग दिखाकर लोगों से धनादोहन होता है कि पूर्व की भांति स्थाई ड्राइविंग लाइसेंस रेवाड़ी के भांति बाटे जाएंगे। राजधानी में बढ़ते सड़क हादसों पर अंकुश लगाने के लिए भी यह जरूरी है कि योग्य आवेदक को ही डीएल जारी हो। टेस्ट लेने वाली निजी एजेंसी के लिए भी वीडियोग्राफी करना अनिवार्य होगा। इनके कर्मचारी आवदेकों को यातायात नियमों, सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक भी करेंगे। नई व्यवस्था से डीएल की टेस्टिंग में आरटीओ की दखलंदाजी काफी हद तक कम होगी।स्थायी डीएल के लिए बायोमेट्रिक जांच, हस्ताक्षर, फोटो आदि के काम करवाने के लिए आवेदकों को ट्रांसपोर्टनगर आरटीओ ही आना पड़ेगा, जबकि टेस्टिंग बंथरा के सेंटर में होगी। ऐसे में उनकी भाग-दौड़ बढ़ जाएगी। सूत्र बताते हैं कि आने वाले समय में संभागीय परिवहन अधिकारी कार्यालय में होने वाले सभी काम बंथरा स्थित ट्रेनिंग सेंटर में ही होंगे। परिवहन विभाग के अधिकारी भी यहीं बैठेंगे। बहरहाल ड्राइविंग लाइसेंस का काम प्राइवेट एजेंसी के हाथों चले जाने के बाद आलम यह है कि सोमवार को डीएल के सलाट फूल हो गए एक दिन में कुल डीएल सलाट 396 हैं।बावजूद इसके उसी दिन का सलाट आवेदकों को नहीं मिल पा रहा है। यानि की लाइसेंस की ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी करने के बाद आवेदकों का स्कूटनी व बायोमेट्रिक नहीं हो सकता।डीएल आवेदको का कहना है कि बंथरा में ड्राइविंग टेस्ट के नाम पर भारी धन उगाई होगी। इसी वजह से दिसंबर माह में ही स्थाई लाइसेंस बनवा लेना चाहते है। लोगों का कहना है कि प्राइवेट एजेंसी के हाथों बंथरा पर फीस के अलावा पारदर्शिता के नाम पर और अधिक अनुचित लाभ के प्रयास की संभावना बलवंती है।
Author: VINAY PRAKASH SINGH
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