लखनऊ,28 फरवरी: उत्तर प्रदेश सरकार ने आंगनबाड़ी केंद्रों को लेकर बड़ा निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिया है कि प्रदेश के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों को उनके स्वयं के भवनों में संचालित करने के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाए।
प्रदेश में वर्तमान में 1.89 लाख से अधिक आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं, जिनमें से लगभग 76 हजार केंद्र अभी किराए या अन्य भवनों में चल रहे हैं। इन सभी के लिए नए भवनों के निर्माण की प्रक्रिया तेज की जाएगी।
क्या है सरकार की योजना?
मुख्यमंत्री ने कहा कि 3 से 6 वर्ष तक के बच्चों के लिए आंगनबाड़ी केंद्र प्री-प्राइमरी शिक्षा का आधार हैं। ऐसे में भवन आकर्षक, सुरक्षित और बाल-मित्र होने चाहिए।
सरकार की योजना के मुख्य बिंदु:
✅ प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र का स्वयं का भवन
✅ निर्माण में CSR (कॉरपोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी) से सहयोग
✅ आवश्यकता अनुसार राज्य सरकार का वित्तीय सहयोग
✅ प्री-फैब्रिकेटेड मॉडल पर विचार
✅ प्राथमिक विद्यालय परिसर में एकीकृत मॉडल
नए आंगनबाड़ी भवनों में क्या-क्या होगा?
सरकार द्वारा प्रस्तावित मॉडल में आधुनिक और समावेशी सुविधाएँ शामिल होंगी:
🚰 स्वच्छ पेयजल व्यवस्था
⚡ विद्युत सुविधा
🚻 बाल-मित्र शौचालय
🧒 प्ले एरिया (खेल आधारित गतिविधियाँ)
🍲 हॉट-कुक्ड मील की व्यवस्था
🏡 किचन शेड
🤰 गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य परीक्षण हेतु अलग कक्ष
🌧 रेनवॉटर हार्वेस्टिंग
🌱 पोषण वाटिका
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र सिर्फ भवन नहीं, बल्कि भावी पीढ़ियों की मजबूत नींव हैं। यह मिशन “स्वस्थ बचपन-समर्थ उत्तर प्रदेश” को नई दिशा देगा।

Author: Chautha Prahari
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