लखनऊ, 28 फरवरी।अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस (8 मार्च) से पहले योगी आदित्यनाथ सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। प्रदेश के 42 जिलों के सभी सरकारी विद्यालयों में बने शौचालयों को 8 मार्च तक पूरी तरह क्रियाशील बनाने की समय-सीमा तय कर दी गई है।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर मुख्य सचिव एसपी गोयल ने समीक्षा बैठक में स्पष्ट कहा कि केवल शौचालय निर्माण पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसमें स्वच्छता, नियमित सफाई, पानी की उपलब्धता, आवश्यकतानुसार बिजली व्यवस्था और सुरक्षित दरवाजों की स्थिति भी सुनिश्चित की जाए।
सरकार का मुख्य फोकस
छात्राओं के लिए अलग एवं सुरक्षित शौचालय
मासिक धर्म के दौरान सुविधा
विद्यालयों में छात्राओं की उपस्थिति बढ़ाना
ड्रॉपआउट दर में कमी लाना
गरिमा और सुरक्षा सुनिश्चित करना
सरकार का मानना है कि स्वच्छ और सुरक्षित शौचालय मिलने से बालिकाओं का आत्मविश्वास बढ़ेगा और पढ़ाई में निरंतरता बनी रहेगी।
‘प्रेरणा पोर्टल’ से होगी सख्त निगरानी
शौचालय की अंदर-बाहर की फोटो अपलोड अनिवार्य
रियल-टाइम मॉनिटरिंग
जिलाधिकारी व शिक्षा अधिकारियों द्वारा भौतिक सत्यापन
लापरवाही पर सख्त कार्रवाई
8 मार्च डेडलाइन, तय होगी जवाबदेही
सरकार ने स्पष्ट किया है कि 8 मार्च तक कार्य पूर्ण न होने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई तय की जाएगी। आवश्यक बजट और संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश भी जारी किए गए हैं।
महिला दिवस से पहले यह पहल बेटियों को सम्मानजनक और सुरक्षित शैक्षिक वातावरण देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही हैं।

Author: Chautha Prahari
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