लखनऊ, 12 मई(चौथा प्रहरी। वैश्विक हालात और संसाधनों की बढ़ती चुनौती के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान से जुड़ने की अपील की है। मुख्यमंत्री ने लोगों से ईंधन की खपत कम करने, अनावश्यक सोने की खरीदारी से बचने और स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने का आग्रह किया। लखनऊ में मुख्य सचिव, डीजीपी और सभी विभागों के अपर मुख्य सचिवों व प्रमुख सचिवों के साथ हुई बैठक में मुख्यमंत्री ने कई अहम निर्देश दिए।

उन्होंने मुख्यमंत्री और मंत्रियों के काफिले में तत्काल 50 प्रतिशत तक वाहनों की संख्या कम करने को कहा। साथ ही अनावश्यक सरकारी वाहनों के इस्तेमाल पर भी रोक लगाने के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने वर्क फ्रॉम होम की संस्कृति को बढ़ावा देने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जिन संस्थानों में बड़ी संख्या में कर्मचारी काम करते हैं, वहां सप्ताह में दो दिन वर्क फ्रॉम होम लागू करने के लिए एडवाइजरी जारी की जाए। औद्योगिक विकास विभाग और आईआईडीसी को बड़े उद्योगों और स्टार्टअप्स को इसके लिए प्रेरित करने को कहा गया है। सरकारी बैठकों, सेमिनार, वर्कशॉप और कॉन्फ्रेंस को अधिक से अधिक वर्चुअल माध्यम से आयोजित करने के निर्देश भी दिए गए। राज्य सचिवालय और निदेशालय की आधी आंतरिक बैठकों को ऑनलाइन करने पर भी जोर दिया गया। मुख्यमंत्री ने सार्वजनिक परिवहन के इस्तेमाल को बढ़ाने की अपील करते हुए कहा कि मंत्री, सांसद, विधायक और अन्य जनप्रतिनिधि सप्ताह में कम से कम एक दिन पब्लिक ट्रांसपोर्ट का उपयोग करें। उन्होंने “नो व्हीकल डे” मनाने का सुझाव भी दिया, ताकि आम लोगों को भी इससे जोड़ा जा सके। बैठक में पीएनजी, मेट्रो, बस सेवा, कार पूलिंग, साइक्लिंग और ईवी के उपयोग को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया। जिन शहरों में मेट्रो चल रही है, वहां लोगों से अधिकतम उपयोग करने की अपील की गई। वहीं, ज्यादा भीड़ वाले रूटों पर बस और अन्य सार्वजनिक परिवहन सेवाएं बढ़ाने के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने बिजली बचत पर भी गंभीरता दिखाई। उन्होंने कहा कि सरकारी भवनों, घरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में अनावश्यक बिजली का इस्तेमाल नहीं होना चाहिए। निजी कॉम्प्लेक्स और प्रतिष्ठानों में रात 10 बजे के बाद सजावटी लाइटों के सीमित उपयोग की बात कही गई। पर्यटन और स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री ने “विजिट माई स्टेट” अभियान शुरू करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि अगले छह महीने तक गैर जरूरी विदेशी यात्राओं से बचा जाए और देश के भीतर पर्यटन को बढ़ावा दिया जाए। यूपी के किले, हैरिटेज साइट्स, ईको टूरिज्म और स्थानीय खानपान को बढ़ावा देने की योजना पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने शादियों और अन्य आयोजनों में भारतीय उत्पादों और हस्तशिल्प के इस्तेमाल की अपील की। सरकार की ओर से ओडीओपी और जीआई टैग वाले उत्पादों को उपहार के रूप में बढ़ावा देने की बात कही गई। स्वास्थ्य के मुद्दे पर भी मुख्यमंत्री ने लोगों से खाद्य तेल का कम इस्तेमाल करने की अपील की। उन्होंने कहा कि इससे स्वास्थ्य बेहतर होगा, घरेलू बचत बढ़ेगी और आयात पर निर्भरता भी घटेगी। स्वास्थ्य विभाग को जागरूकता अभियान चलाने और स्कूलों, अस्पतालों, जेलों, छात्रावासों व सरकारी कैंटीनों में कम तेल वाले भोजन को बढ़ावा देने के निर्देश दिए गए। कृषि क्षेत्र में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने और गोशालाओं में मौजूद गोवंश के गोबर के उपयोग पर भी जोर दिया गया। मुख्यमंत्री ने फॉर्मर रजिस्ट्री को तेजी से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए। बैठक में यह भी तय किया गया कि प्रदेश में पीएनजी नेटवर्क का विस्तार मिशन मोड में किया जाएगा। साथ ही पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत रूफटॉप सोलर को बढ़ावा देने के लिए लोगों को जागरूक किया जाएगा। सरकार का मानना है कि यदि इन सुझावों को बड़े स्तर पर अपनाया गया, तो ईंधन की बचत, बिजली की खपत में कमी, स्वदेशी उद्योगों को बढ़ावा और पर्यावरण संरक्षण जैसे कई क्षेत्रों में सकारात्मक असर देखने को मिल सकता है।
Author: VINAY PRAKASH SINGH
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