यूपी में तकनीकी शिक्षा को उद्योगों से जोड़ेगी योगी सरकार, हर छात्र के लिए दो इंडस्ट्रियल विजिट की तैयारी
लखनऊ,12 मई(चौथा प्रहरी)। योगी आदित्यनाथ सरकार अब तकनीकी शिक्षा को सीधे उद्योगों और रोजगार से जोड़ने की दिशा में बड़ा बदलाव करने जा रही है। इंजीनियरिंग और पॉलिटेक्निक संस्थानों के छात्रों को अब पढ़ाई के साथ इंडस्ट्री का व्यावहारिक अनुभव भी दिया जाएगा। इसके तहत हर छात्र के लिए कम से कम दो इंडस्ट्रियल विजिट अनिवार्य करने की तैयारी की जा रही है।

मंगलवार को तकनीकी शिक्षा विभाग की योजनाओं और नए प्रस्तावों की समीक्षा बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता प्राविधिक शिक्षा मंत्री Ashish Patel ने की। बैठक में प्लेसमेंट, एआई आधारित पढ़ाई, इंडस्ट्री पार्टनरशिप और संस्थानों की रैंकिंग जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा हुई।
सरकार का मानना है कि उत्तर प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने में तकनीकी संस्थानों की अहम भूमिका होगी। इसी वजह से अब पढ़ाई को उद्योगों की जरूरतों के हिसाब से तैयार किया जा रहा है। प्रदेश में तेजी से बढ़ रहे एक्सप्रेसवे, डिफेंस कॉरिडोर, डेटा सेंटर और ईवी सेक्टर को ध्यान में रखते हुए पाठ्यक्रम और ट्रेनिंग मॉडल में बदलाव किए जा रहे हैं।
बैठक में इंजीनियरिंग छात्रों के लिए इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग और फील्ड विजिट को जरूरी बनाने पर खास जोर दिया गया। सिविल इंजीनियरिंग के छात्रों को एक्सप्रेसवे, टनल और डैम निर्माण स्थलों का दौरा कराया जाएगा। वहीं मैकेनिकल और इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग के विद्यार्थियों को ईवी निर्माण इकाइयों और अन्य औद्योगिक संस्थानों में भेजा जाएगा ताकि उन्हें मशीनों और आधुनिक तकनीक का वास्तविक अनुभव मिल सके।
सरकार प्लेसमेंट व्यवस्था को मजबूत करने पर भी काम कर रही है। विभाग के प्लेसमेंट पोर्टल पर अब तक 8 हजार से ज्यादा छात्र जुड़ चुके हैं। इसके अलावा Naukri.com� के सहयोग से उत्तर प्रदेश के छात्रों के लिए एक विशेष लैंडिंग पेज तैयार किया जा रहा है। इससे युवाओं को स्थानीय और निजी क्षेत्र में नौकरी के ज्यादा अवसर मिलने की उम्मीद है।
तकनीकी शिक्षा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई को भी तेजी से शामिल किया जा रहा है। अधिकारियों के मुताबिक Infosys� समेत कई संस्थानों के सहयोग से नए एआई आधारित पाठ्यक्रम तैयार किए जा रहे हैं। इनका उद्देश्य छात्रों को भविष्य की तकनीकों के लिए तैयार करना है ताकि वे बदलती इंडस्ट्री जरूरतों के अनुसार खुद को ढाल सकें।
बैठक में नैक, एनआईआरएफ और एसआईआरएफ रैंकिंग की भी समीक्षा की गई। संस्थानों में फैकल्टी भर्ती, बेहतर पढ़ाई और प्लेसमेंट सुधारने पर जोर दिया गया। सभी पॉलिटेक्निक और तकनीकी संस्थानों को गुणवत्ता सुधारने के निर्देश दिए गए हैं।
मंत्री आशीष पटेल ने कहा कि प्रदेश में तेजी से बढ़ रहे औद्योगिक प्रोजेक्ट युवाओं के लिए नए अवसर लेकर आ रहे हैं। ऐसे में तकनीकी शिक्षा को उद्योगों की जरूरतों के मुताबिक तैयार करना जरूरी हो गया है। सरकार का मकसद युवाओं को कौशल, तकनीक और रोजगार से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाना है।
Author: VINAY PRAKASH SINGH
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