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मंत्रियों में बंटे विभाग, मनोज को खाद्य तो भूपेंद्र को मिला एमएसएमई का जिम्मा

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लखनऊ,17मई(चौथा प्रहरी )। उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्रिमंडल विस्तार के आठ दिन बाद नए मंत्रियों के विभागों का बंटवारा कर दिया गया है। सरकार ने आठ मंत्रियों को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी हैं। इस फेरबदल में संगठन और सरकार के बीच बेहतर तालमेल बनाने के साथ सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन साधने की कोशिश दिखाई दे रही है। माना जा रहा है कि 2027 विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखकर यह कदम उठाया गया है।

उत्तर प्रदेश मंत्रिमंडल के नए मंत्रियों को विभाग आवंटित करते हुए सरकार
सरकार की ओर से जारी सूची के मुताबिक, भूपेंद्र चौधरी को सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) विभाग दिया गया है। वहीं मनोज पाण्डेय को खाद्य एवं रसद तथा नागरिक आपूर्ति विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह विभाग सीधे आम लोगों से जुड़ा माना जाता है, क्योंकि राशन व्यवस्था और खाद्य आपूर्ति इसी के तहत आती है।
अजीत सिंह पाल को राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) बनाते हुए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग दिया गया है। यह विभाग बाजार में खाद्य पदार्थों और दवाओं की गुणवत्ता पर नजर रखता है।
सोमेन्द्र तोमर को राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) के रूप में राजनैतिक पेंशन, सैनिक कल्याण और प्रांतीय रक्षक दल विभाग सौंपा गया है। वहीं कृष्णा पासवान को पशुधन एवं दुग्ध विकास विभाग में राज्य मंत्री बनाया गया है।
इसके अलावा कैलाश सिंह राजपूत को ऊर्जा और अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत विभाग में जिम्मेदारी मिली है। सुरेन्द्र दिलेर को राजस्व विभाग में राज्य मंत्री बनाया गया है। हंस राज विश्वकर्मा को भी सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग में राज्य मंत्री की जिम्मेदारी दी गई है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि विभागों के इस बंटवारे में जातीय और क्षेत्रीय समीकरणों का ध्यान रखा गया है। सरकार की कोशिश है कि अलग-अलग क्षेत्रों और वर्गों को प्रतिनिधित्व देकर संगठन को और मजबूत किया जाए।
आने वाले समय में इन मंत्रियों के कामकाज पर सरकार की राजनीतिक रणनीति भी काफी हद तक निर्भर करेगी। खासकर एमएसएमई, खाद्य एवं ऊर्जा जैसे विभागों में लिए गए फैसलों का असर सीधे जनता और रोजगार पर पड़ सकता है। 2027 चुनाव से पहले सरकार इन विभागों के जरिए अपनी पकड़ मजबूत करने की तैयारी में दिखाई दे रही है।

VINAY PRAKASH SINGH
Author: VINAY PRAKASH SINGH

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